अन्य पूजाएं — वैदिक पूजा विधि
शिरडी साईं पूजा
संक्षिप्त परिचय
शिरडी साईं पूजा शिरडी के साईं बाबा के सम्मान में की जाने वाली भक्ति पूजा है — 19वीं सदी के एक श्रद्धेय आध्यात्मिक गुरु जिनकी हिंदू और मुस्लिम दोनों पूजा करते हैं। साईं बाबा ने ईश्वर की एकता, प्रेम और सेवा का उपदेश दिया। यह पूजा गुरुवार को की जाती है, जो साईं भक्ति के लिए सबसे शुभ दिन है। इसमें साई सत्चरित्र पाठ, फूल चढ़ाना, उदी (शिरडी की पवित्र भभूति) और साईं की छवि के सामने कपूर जलाना शामिल है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
लाभ
शारीरिक और मानसिक कष्टों से राहत मिलती है, सच्ची और निःस्वार्थ मनोकामनाएं पूरी होती हैं, भय और चिंता दूर होती है, कठिन समय में दिव्य मार्गदर्शन मिलता है, आस्था मजबूत होती है और जीवन में शांति और संतोष आता है।
चरण-दर-चरण विधि
वेदी साफ करें और साईं बाबा की छवि या प्रतिमा रखें। घी का दीपक और अगरबत्ती जलाएं। फूल, माला और फल चढ़ाएं। वेदी पर उदी (पवित्र भभूति) रखें। साई सत्चरित्र का एक अध्याय जोर से पढ़ें। साईं बाबा की आरती (साईं बाबा तेरे सौ सौ एहसान) करें। नैवेद्यम (मिष्ठान) अर्पित करें। सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद के रूप में उदी वितरित करें।
शुभ मुहूर्त
गुरुवार साईं पूजा का प्रमुख दिन है। साईं बाबा की जयंती (गुरु पूर्णिमा) और उनके महासमाधि दिवस (विजयदशमी) पर भी की जाती है। शाम का समय सबसे सामान्य है।
आवश्यक सामग्री
- ·साईं बाबा की प्रतिमा या चित्र
- ·उदी (पवित्र भभूति)
- ·फूल और माला
- ·घी का दीपक
- ·अगरबत्ती
- ·कपूर
- ·साई सत्चरित्र पुस्तक
- ·फल
- ·मिठाई नैवेद्यम
- ·नारियल
सामान्य प्रश्न
प्र.शिरडी साईं पूजा क्या है?
शिरडी साईं पूजा शिरडी के साईं बाबा के सम्मान में की जाने वाली भक्ति पूजा है — 19वीं सदी के एक श्रद्धेय आध्यात्मिक गुरु जिनकी हिंदू और मुस्लिम दोनों पूजा करते हैं। साईं बाबा ने ईश्वर की एकता, प्रेम और सेवा का उपदेश दिया। यह पूजा गुरुवार को की जाती है,...
प्र.शिरडी साईं पूजा के क्या लाभ हैं?
शारीरिक और मानसिक कष्टों से राहत मिलती है, सच्ची और निःस्वार्थ मनोकामनाएं पूरी होती हैं, भय और चिंता दूर होती है, कठिन समय में दिव्य मार्गदर्शन मिलता है, आस्था मजबूत होती है और जीवन में शांति और संतोष आता है।
प्र.शिरडी साईं पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
गुरुवार साईं पूजा का प्रमुख दिन है। साईं बाबा की जयंती (गुरु पूर्णिमा) और उनके महासमाधि दिवस (विजयदशमी) पर भी की जाती है। शाम का समय सबसे सामान्य है।
प्र.शिरडी साईं पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?
साईं बाबा की प्रतिमा या चित्र, उदी (पवित्र भभूति), फूल और माला, घी का दीपक, अगरबत्ती, कपूर, साई सत्चरित्र पुस्तक, फल, मिठाई नैवेद्यम, नारियल।