माँ दुर्गा (महिषासुरमर्दिनी) — पूजा विधि
दुर्गा पूजा विधि
दुर्गा पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में दुर्गा पूजा करने की सही वैदिक विधि।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
दुर्गा पूजा — चरण दर चरण विधि
- 1
प्रतिपदा पर दुर्गा प्रतिमा स्थापित करें।
- 2
प्रतिदिन षोडशोपचार पूजा (16 चरण) करें।
- 3
देवी माहात्म्य (दुर्गा सप्तशती) पढ़ें।
- 4
अष्टमी पर कन्या पूजा करें।
- 5
नवमी पर नवमी हवन।
- 6
दशमी पर विसर्जन।
दुर्गा पूजा के महत्वपूर्ण नियम
• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।
• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।
• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।
• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।
• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।
दुर्गा पूजा के लाभ
शत्रुओं और नकारात्मकता का नाश होता है, खतरों से सुरक्षा होती है, शक्ति और साहस मिलता है, सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
FAQ — दुर्गा पूजा विधि
प्र.क्या दुर्गा पूजा घर पर की जा सकती है?
हाँ, दुर्गा पूजा घर पर की जा सकती है।
प्र.दुर्गा पूजा में कितना समय लगता है?
दुर्गा पूजा में सामान्यतः 10 दिन (पूर्ण उत्सव) या 2 घंटे (घर की पूजा) का समय लगता है।
प्र.क्या दुर्गा पूजा के लिए पंडित जरूरी है?
दुर्गा पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।
प्र.दुर्गा पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
आश्विन (शारद) नवरात्रि — प्रतिपदा से दशमी तक। चैत्र नवरात्रि में भी।