माँ दुर्गा (महिषासुरमर्दिनी) — पूजा मंत्र
दुर्गा पूजा मंत्र
दुर्गा पूजा के सभी मंत्र संस्कृत में अर्थ, उच्चारण और जप संख्या सहित।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
दुर्गा पूजा के मंत्र
दुर्गा बीज मंत्र
108 बारॐ दुं दुर्गायै नमः
अजेय दुर्गा माँ को नमन।
चामुंडा मंत्र
108 बारॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
महिषासुर का वध करने वाली चामुंडा को नमन।
दुर्गा गायत्री
108 बारॐ कात्यायनाय विद्महे कन्या कुमारि धीमहि तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्
कात्यायनी, कन्या कुमारी का ध्यान करते हैं। दुर्गा हमारी बुद्धि को प्रेरित करें।
मंत्र जप की सही विधि
• पूर्व या उत्तर दिशा में बैठकर जप करें।
• 108 मनकों की माला से संख्या गिनें।
• न बहुत तेज़, न बहुत धीमे — मध्यम गति से स्पष्ट उच्चारण करें।
• जप से पहले संकल्प (इरादा) स्थापित करें।
• यदि संभव हो तो एक बैठक में पूरी संख्या पूर्ण करें।
• ब्रह्म मुहूर्त (भोर 4–6 बजे) या पूजा के समय जप करने से अधिक लाभ होता है।
FAQ — दुर्गा पूजा मंत्र
प्र.दुर्गा पूजा में सबसे महत्वपूर्ण मंत्र कौन सा है?
दुर्गा पूजा का प्रमुख मंत्र है — दुर्गा बीज मंत्र: ॐ दुं दुर्गायै नमः। इसे 108 बार जपें।
प्र.क्या नए लोग भी ये मंत्र जप सकते हैं?
हाँ, ये मंत्र सभी के लिए हैं। यदि संस्कृत उच्चारण कठिन लगे तो देवता का नाम सच्चे मन से जपना भी उतना ही प्रभावी है।
प्र.मंत्र मन में जपें या ज़ोर से?
दोनों प्रभावी हैं। पूजा में ज़ोर से जप (वाचिक जप) करें। मानसिक जप (मानसिक जप) सबसे शक्तिशाली माना जाता है।