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अन्य पूजाएं — वैदिक पूजा विधि

अष्टमी पूजा

देवता देवी दुर्गा (अष्टमी देवी)
अवधि 1–2 घंटे
श्रेणी अन्य पूजाएं

संक्षिप्त परिचय

अष्टमी पूजा चंद्र पखवाड़े के दोनों पक्षों की आठवीं तिथि को मनाई जाती है। नवरात्रि के दौरान महा अष्टमी का विशेष महत्व है जब देवी दुर्गा की उनके सबसे शक्तिशाली रूप में पूजा की जाती है। उपवास, दुर्गा सप्तशती का पाठ और हवन इस पूजा के अभिन्न अंग हैं।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

लाभ

नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है, भय और बाधाएं दूर होती हैं, साहस और शक्ति मिलती है, मनोकामनाएं पूरी होती हैं, शत्रुओं पर विजय मिलती है और देवी दुर्गा का आशीर्वाद स्वास्थ्य, धन और सुख प्रदान करता है।

चरण-दर-चरण विधि

सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें। देवी दुर्गा की प्रतिमा से वेदी सजाएं। लाल फूल, सिंदूर और फल अर्पित करें। दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। कन्या पूजन में नौ कन्याओं को आमंत्रित कर उनके पाँव धोएं, भोजन और दक्षिणा अर्पित करें। आरती और प्रसाद वितरण के साथ पूजा समाप्त करें।

शुभ मुहूर्त

प्रत्येक चंद्र पखवाड़े की अष्टमी तिथि। नवरात्रि के दौरान महा अष्टमी सबसे महत्वपूर्ण है। अष्टमी और नवमी के संधि काल में संधि पूजा अत्यंत शुभ होती है।

आवश्यक सामग्री

  • ·दुर्गा प्रतिमा या चित्र
  • ·लाल फूल
  • ·सिंदूर
  • ·नारियल
  • ·फल
  • ·घी का दीपक
  • ·अगरबत्ती
  • ·कपूर
  • ·पंचामृत
  • ·लाल वस्त्र
  • ·अक्षत
  • ·प्रसाद के लिए मिठाई

सामान्य प्रश्न

प्र.अष्टमी पूजा क्या है?

अष्टमी पूजा चंद्र पखवाड़े के दोनों पक्षों की आठवीं तिथि को मनाई जाती है। नवरात्रि के दौरान महा अष्टमी का विशेष महत्व है जब देवी दुर्गा की उनके सबसे शक्तिशाली रूप में पूजा की जाती है। उपवास, दुर्गा सप्तशती का पाठ और हवन इस पूजा के अभिन्न अंग हैं।

प्र.अष्टमी पूजा के क्या लाभ हैं?

नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है, भय और बाधाएं दूर होती हैं, साहस और शक्ति मिलती है, मनोकामनाएं पूरी होती हैं, शत्रुओं पर विजय मिलती है और देवी दुर्गा का आशीर्वाद स्वास्थ्य, धन और सुख प्रदान करता है।

प्र.अष्टमी पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

प्रत्येक चंद्र पखवाड़े की अष्टमी तिथि। नवरात्रि के दौरान महा अष्टमी सबसे महत्वपूर्ण है। अष्टमी और नवमी के संधि काल में संधि पूजा अत्यंत शुभ होती है।

प्र.अष्टमी पूजा के लिए कौन सी सामग्री चाहिए?

दुर्गा प्रतिमा या चित्र, लाल फूल, सिंदूर, नारियल, फल, घी का दीपक, अगरबत्ती, कपूर, पंचामृत, लाल वस्त्र, अक्षत, प्रसाद के लिए मिठाई।

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