आज: वैदिक ज्योतिष · प्राचीन · सटीक · मुफ्त
खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIरविवार, 19 अप्रैल 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
VedicBirth
वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

वैदिक नक्षत्र मार्गदर्शिका

उत्तराषाढ़ा

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र — स्वभाव, करियर और विशेषताएं

स्वामी सूर्य · देवता विश्वेदेवाः · प्रतीक हाथी का दाँत

स्वामी ग्रह

सूर्य

देवता

विश्वेदेवाः

प्रतीक

हाथी का दाँत

दशा काल

6 वर्ष

परिचय

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र धनु और मकर दोनों राशियों में फैला है — २६°४०' धनु से १०° मकर तक — और इसका स्वामी सूर्य है। विश्वेदेवाः — समस्त देवताओं का सामूहिक रूप — की अध्यक्षता में यह नक्षत्र सार्वभौमिक नेतृत्व, अटल विजय और धर्म-स्थापना का प्रतीक है। हाथी के दाँत का प्रतीक बल, बुद्धि और अजेयता का संयोग दर्शाता है।

स्वभाव

उत्तराषाढ़ा जातक सहज ही नैतिक, उत्तरदायी और दीर्घकालिक दृष्टि वाले होते हैं — ये त्वरित सफलता की जगह स्थायी उपलब्धि को प्राथमिकता देते हैं। सूर्य का तेज और विश्वेदेवाः की सामूहिक शक्ति इन्हें समाज के लिए काम करने वाला प्राकृतिक नेता बनाती है। छाया पक्ष में ये कभी-कभी अत्यधिक आदर्शवादी और अनम्य हो जाते हैं।

करियर

सरकारी सेवा, सेना, न्यायपालिका, शिक्षा-संस्थान और गैर-सरकारी संगठनों में उत्तराषाढ़ा जातक असाधारण योगदान देते हैं। सूर्य की राज-शक्ति इन्हें प्रशासनिक पदों और सार्वजनिक जीवन में सम्मान दिलाती है।

संबंध और विवाह

उत्तराषाढ़ा जातक प्रेम में विश्वसनीय, सम्मानजनक और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता वाले होते हैं। ये परिवार और समाज दोनों के प्रति अपने दायित्व को गंभीरता से लेते हैं, जिससे विवाह प्रायः सुदृढ़ और टिकाऊ होता है।

स्वास्थ्य

उत्तराषाढ़ा जातकों को घुटने, हड्डियाँ और त्वचा पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि मकर राशि इन अंगों की कारक है। सूर्य के प्रभाव से हृदय और रीढ़ की देखभाल भी आवश्यक है।

चार पाद

  1. प्रथम चरण (धनु नवमांश — गुरु): गुरु और सूर्य का योग — सर्वोच्च ज्ञान-प्राप्ति की क्षमता, दर्शन और धर्म में प्रभुत्व।
  2. द्वितीय चरण (मकर नवमांश — शनि): मकर नवमांश में यह स्वयंभू (अभिजित) के समीप — असाधारण व्यावहारिक शक्ति और राजनीतिक सफलता।
  3. तृतीय चरण (कुंभ नवमांश — शनि): शनि का सामाजिक चेतना का भाव सूर्य के नेतृत्व को जनसेवा में परिणत करता है।
  4. चतुर्थ चरण (मीन नवमांश — गुरु): गुरु का आशीर्वाद और मीन की भावना इन जातकों को आध्यात्मिक नेता और परोपकारी बनाती है।

सामान्य प्रश्न

उत्तराषाढ़ा को "अभिजित" से कैसे जोड़ते हैं?

अभिजित एक विशेष नक्षत्र है जो उत्तराषाढ़ा के अंतिम भाग और श्रवण के प्रारंभिक भाग के बीच स्थित माना जाता है। यह काल दिन के मध्य में आता है और अत्यंत शुभ माना जाता है। उत्तराषाढ़ा जातकों में इसी "अभिजित" का आशीर्वाद प्रवाहित होता है।

विश्वेदेवाः कौन हैं और इनका उत्तराषाढ़ा से क्या संबंध है?

विश्वेदेवाः देवताओं का एक सामूहिक समूह है जो ब्रह्मांड के विभिन्न पहलुओं की रक्षा करते हैं — इनमें दस या बारह देव गिने जाते हैं। इनकी सामूहिक शक्ति उत्तराषाढ़ा को एकाकी नहीं बल्कि सामुदायिक नेतृत्व की शक्ति देती है।

उत्तराषाढ़ा जातक धनु और मकर दोनों राशियों में होने से कैसे प्रभावित होते हैं?

धनु राशि में उत्तराषाढ़ा के जातकों में दार्शनिकता और आदर्शवाद अधिक होता है, जबकि मकर में इसके जातक व्यावहारिक, संरचनात्मक और संस्थागत कार्यों में अधिक सफल होते हैं। दोनों में सूर्य की नेतृत्व-शक्ति और अटल विजय की प्रवृत्ति समान रहती है।

अपनी कुंडली देखें →दैनिक राशिफल →English Guide →