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खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIबुधवार, 12 अगस्त 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
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वैदिक नक्षत्र मार्गदर्शिका

श्रवण

श्रवण नक्षत्र, स्वभाव, करियर और विशेषताएं

स्वामी चंद्र · देवता विष्णु · प्रतीक कान

स्वामी ग्रह

चंद्र

देवता

विष्णु

प्रतीक

कान

दशा काल

10 वर्ष

परिचय

श्रवण नक्षत्र मकर राशि में १०° से २३°२०' तक स्थित है और इसका स्वामी चंद्रमा है। विष्णु, पालनकर्ता और संरक्षक, की अध्यक्षता में यह नक्षत्र श्रवण, अध्ययन, ज्ञान-संचय और संरक्षण की शक्ति का प्रतीक है। कान का प्रतीक बताता है कि श्रवण जातक सुनने, समझने और ज्ञान को संजोने में असाधारण होते हैं।

स्वभाव

श्रवण जातक बुद्धिमान, जिज्ञासु और ज्ञान के भूखे होते हैं, ये हर स्थिति से कुछ न कुछ सीखते हैं। चंद्र की भावनात्मक संवेदनशीलता और विष्णु की संरक्षण-शक्ति मिलकर इन्हें उत्कृष्ट श्रोता, परामर्शदाता और पोषणकर्ता बनाती है। छाया पक्ष में ये अफवाहों को ज्यादा महत्व दे सकते हैं और सूचना-भार से अभिभूत हो जाते हैं।

करियर

शिक्षा, पत्रकारिता, प्रसारण, भाषाविज्ञान, अनुवाद और सूचना-प्रौद्योगिकी में श्रवण जातक उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं। विष्णु की संरक्षण-शक्ति से ये प्रशासन, चिकित्सा और सामाजिक सेवा में भी सफल होते हैं।

संबंध और विवाह

श्रवण जातक उत्कृष्ट श्रोता और भावनात्मक रूप से उपलब्ध साथी होते हैं, ये अपने प्रियजनों की हर बात ध्यान से सुनते और समझते हैं। इनके विवाह प्रायः परस्पर सम्मान और बौद्धिक साझेदारी पर आधारित होते हैं।

स्वास्थ्य

श्रवण जातकों को कान, घुटने और त्वचा की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। मकर राशि के प्रभाव से हड्डियों का स्वास्थ्य और वात-संबंधी विकार विशेष ध्यान माँगते हैं।

चार पाद

  1. प्रथम चरण (मेष नवमांश, मंगल): मंगल और चंद्र का योग, साहसी श्रोता और तीव्र सीखने की क्षमता, त्वरित निर्णय में कुशल।
  2. द्वितीय चरण (वृषभ नवमांश, शुक्र): शुक्र का प्रभाव ज्ञान को सौंदर्य से जोड़ता है, संगीत, साहित्य और कला में विशेष प्रवीणता।
  3. तृतीय चरण (मिथुन नवमांश, बुध): बुध और चंद्र का सम्मिलन, सर्वोत्तम संवादकर्ता, लेखक और शिक्षक इस चरण से आते हैं।
  4. चतुर्थ चरण (कर्क नवमांश, चंद्र): चंद्र दोहरा शक्तिशाली, गहरी अंतर्ज्ञान-शक्ति, मातृत्व और पोषण की असाधारण भावना।

सामान्य प्रश्न

श्रवण नक्षत्र और श्रवण (कार्तिक पुत्र) का क्या संबंध है?

श्रवण नक्षत्र का नाम श्रवण कुमार से जुड़ा माना जाता है जो अपने माता-पिता की सेवा के लिए प्रसिद्ध थे। इस नक्षत्र के जातकों में माता-पिता और गुरुओं के प्रति गहरा सम्मान और सेवा-भाव होता है। श्रवण कुमार की कथा इस नक्षत्र के "सुनने" और "सेवा" के मूल गुणों को पूर्णतः दर्शाती है।

क्या श्रवण नक्षत्र में जन्मे जातक धार्मिक होते हैं?

विष्णु के देवता होने से श्रवण जातकों में सात्विक और धर्म-परायण प्रवृत्ति होती है। ये पूजा-पाठ, तीर्थ-यात्रा और शास्त्र-अध्ययन में विशेष रुचि रखते हैं। भागवत-कथा और विष्णु-सहस्रनाम का पाठ इन जातकों के लिए विशेष शुभ माना जाता है।

श्रवण नक्षत्र में जन्मे जातकों की स्मरण-शक्ति कैसी होती है?

श्रवण जातकों की श्रवण-स्मृति (auditory memory) असाधारण होती है, ये एक बार सुनी बात को लंबे समय तक याद रखते हैं। चंद्र की कल्पनाशीलता और विष्णु के ज्ञान-संचय से इनका मस्तिष्क एक विशाल ज्ञान-भंडार बन जाता है।

श्रवण नक्षत्र के बच्चों के नाम

सभी 400 नाम देखें →
श्रेयाShreya

श्रेया, श्रेयस, उत्तम, शुभ

शशांकShashank

शशांक, चंद्रमा, खरगोश-चिह्नित, शशि

शक्तिShakti

शक्ति, ऊर्जा, दैवीय नारीशक्ति, सामर्थ्य

शशिShashi

शशि, चंद्रमा, चाँदनी, चंद्रदेव

शैलजाShailaja

शैलजा, पर्वत की पुत्री, पार्वती, हिमालय से जन्मी

शांताShanta

शांता, शांत, सौम्य, स्थिर, धीर

नाम के आद्याक्षर: जू, जे, जो, खी (Ju, Je, Jo, Gha)

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