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वैदिक नक्षत्र मार्गदर्शिका

हस्त

हस्त नक्षत्र — स्वभाव, करियर और विशेषताएं

स्वामी चंद्र · देवता सवितर · प्रतीक हाथ (मुट्ठी)

स्वामी ग्रह

चंद्र

देवता

सवितर

प्रतीक

हाथ (मुट्ठी)

दशा काल

10 वर्ष

परिचय

हस्त नक्षत्र कन्या राशि में स्थित तेरहवाँ नक्षत्र है जिसका स्वामी चंद्र और अधिदेवता सवितर (सृजनशील सूर्य का प्रकाश-रूप) हैं। यह नक्षत्र कुशलता, शिल्पकारिता, चतुर हाथों और बुद्धिमान मन का प्रतीक है। हस्त जातकों में असाधारण हस्त-कौशल, व्यावहारिक बुद्धि और अपनी बात मनवाने की अद्भुत क्षमता होती है।

स्वभाव

हस्त जातक चतुर, व्यावहारिक, हास्यप्रिय और कुशल कारीगर होते हैं — जो हाथ में लें, उसे परिपूर्ण करने की ललक होती है। चंद्र का प्रभाव इन्हें लचीला और भावनात्मक रूप से समझदार बनाता है। छाया-पक्ष में अत्यधिक चतुराई जो कभी-कभी चालाकी में बदल जाती है, और मन की चंचलता इनकी चुनौती है।

करियर

हस्त जातक हस्तशिल्प, चिकित्सा, शल्यक्रिया, खेल, जादू-कला, मनोविज्ञान और व्यापार में उत्कृष्ट होते हैं। हाथों की कुशलता माँगने वाला कोई भी कार्य इन्हें सहज आता है।

संबंध और विवाह

हस्त जातक प्रेम में चुलबुले, देखभाल करने वाले और व्यावहारिक होते हैं। ये साथी की छोटी-छोटी ज़रूरतों पर ध्यान देते हैं परंतु भावनाओं को सीधे व्यक्त करने में कभी-कभी संकोच करते हैं।

स्वास्थ्य

हस्त नक्षत्र का संबंध हाथों, भुजाओं और पाचन-तंत्र से है; हाथों की चोट और आंत-विकार सावधानी माँगते हैं। चंद्र के प्रभाव से मानसिक व्यग्रता भी स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।

चार पाद

  1. प्रथम पाद मेष नवांश में है — मंगल-चंद्र का संयोग इस पाद को तेज़, साहसी और हाथों से काम लेने वाला कुशल कारीगर बनाता है।
  2. द्वितीय पाद वृषभ नवांश में है — शुक्र-चंद्र का युग्म ललित कला, संगीत-वादन और सौंदर्य-शिल्प में असाधारण प्रतिभा देता है।
  3. तृतीय पाद मिथुन नवांश में है — बुध-चंद्र का संयोग वाक्-चातुर्य, तेज़ हाथ और व्यापार-बुद्धि का अनोखा मिश्रण देता है।
  4. चतुर्थ पाद कर्क नवांश में है — चंद्र-चंद्र का पुष्करांश युग्म अत्यंत शुभ है; गहरी संवेदनशीलता, पोषण और कल्याण-कार्यों में विशेष रुचि देता है।

सामान्य प्रश्न

हस्त नक्षत्र के अधिदेवता सवितर कौन हैं?

सवितर सूर्य का वह रूप हैं जो सृजन, प्रेरणा और दिव्य शिल्पकारिता का प्रतिनिधित्व करते हैं। गायत्री मंत्र में "सवितुः" इन्हीं को संबोधित है। उनके प्रभाव से हस्त जातकों में दिव्य प्रेरणा, सटीक कौशल और सृजन की असीम क्षमता होती है।

हस्त नक्षत्र का हाथ प्रतीक क्यों महत्त्वपूर्ण है?

हाथ मानव की सबसे बड़ी कर्म-शक्ति का प्रतीक है — जो विचार करता है, मन वह हाथों से बनाता है। हस्त नक्षत्र दर्शाता है कि इस नक्षत्र के जातक अपने हाथों से ही अपनी किस्मत बनाते हैं। पाँचों उंगलियाँ पाँच तत्त्वों का प्रतिनिधित्व करती हैं।

हस्त नक्षत्र में जन्मे लोग किस क्षेत्र में सबसे ज़्यादा सफल होते हैं?

हस्त जातक हाथों की कुशलता माँगने वाले क्षेत्रों में — जैसे शल्यचिकित्सा, मूर्तिकला, संगीत-वादन और खेल — विशेष रूप से सफल होते हैं। चंद्र-स्वामित्व इन्हें लोगों की देखभाल और पोषण से जुड़े कार्यों में भी आगे रखता है।

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