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बुध वक्री — वैदिक ज्योतिष

बुध वक्री 2026

2026 में बुध 1 बार वक्री होगा। तारीख, राशियां, छाया काल, क्या करें और क्या न करें तथा सभी 12 राशियों पर प्रभाव की संपूर्ण जानकारी।

वक्री 1

9 जनवरी 202631 जनवरी 2026

कुंभ → मकर

अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक पंचांग

बुध वक्री 19 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026

बुध वक्री 9–31 जनवरी 2026, कुंभ से शुरू होकर मकर में वापस जाता है। 2026 का पहला वक्री सामाजिक नेटवर्क, प्रौद्योगिकी (कुंभ) और करियर/प्राधिकरण (मकर) को प्रभावित करता है।

वक्री प्रारंभ

9 जनवरी 2026

वक्री समाप्त

31 जनवरी 2026

राशि

कुंभ → मकर

नक्षत्र

Shatabhisha

छाया प्रारंभ

December 26, 2025

छाया समाप्त

February 15, 2026

क्या करें और क्या न करें

करें

  • प्रौद्योगिकी प्रणालियों और डिजिटल संचार की समीक्षा करें
  • पुराने मित्रों और समुदाय के सदस्यों से दोबारा जुड़ें
  • दीर्घकालीन लक्ष्यों पर पुनर्विचार करें
  • सभी प्रौद्योगिकी संचार और सोशल पोस्ट की दोबारा जाँच करें
  • वक्री शुरू होने से पहले सभी डेटा बैकअप करें
  • सामुदायिक परियोजनाओं में अपनी भूमिका पर विचार करें

न करें

  • नए ऐप, वेबसाइट या प्रौद्योगिकी उत्पाद लॉन्च न करें
  • बड़ी सोशल मीडिया घोषणाओं से बचें
  • प्रौद्योगिकी अनुबंध पर हस्ताक्षर न करें
  • समूह संचार में गलतफहमी से बचें
  • बड़े करियर निर्णय न लें
  • नए प्रौद्योगिकी गैजेट की आवेगपूर्ण खरीदारी से बचें

सभी 12 राशियों पर प्रभाव

मेष राशि के 11वें और 10वें भाव में — सामाजिक और करियर संचार में देरी।

वृष राशि के 10वें और 9वें भाव में — करियर और दूरस्थ संचार में देरी।

मिथुन राशि के 9वें और 8वें भाव में — यात्रा और साझा वित्त में देरी।

कर्क राशि के 8वें और 7वें भाव में — रूपांतरण और साझेदारी में बाधाएं।

सिंह राशि के 7वें और 6वें भाव में — साझेदारी और स्वास्थ्य संचार बाधित।

कन्या राशि के 6वें और 5वें भाव में — स्वास्थ्य और रचनात्मकता में देरी।

तुला राशि के 5वें और 4थे भाव में — रचनात्मक और घरेलू संचार में देरी।

वृश्चिक राशि के 4थे और 3रे भाव में — घरेलू और भाई-बहन के संचार में गलतफहमी।

धनु राशि के 3रे और 2रे भाव में — दैनिक संचार और वित्त में देरी।

मकर राशि के 2रे और 1ले भाव में — वित्तीय और व्यक्तिगत संचार में देरी।

कुंभ राशि के 1ले भाव में — व्यक्तिगत संचार बाधित।

मीन राशि के 12वें और 11वें भाव में — छिपे मामले उभरते हैं।

FAQ — बुध वक्री 2026

प्र.2026 में बुध वक्री कितनी बार और कब होगा?

2026 में बुध 1 बार वक्री होगा: 9 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 (कुंभ)।

प्र.बुध वक्री में क्या नहीं करना चाहिए?

बुध वक्री में नया काम शुरू करने, अनुबंध हस्ताक्षर करने, नई तकनीक खरीदने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें।

प्र.बुध वक्री का क्या मतलब है?

वैदिक ज्योतिष में बुध वक्री का अर्थ है बुध ग्रह का उल्टी दिशा में चलना। बुध संचार, बुद्धि, व्यापार और यात्रा का कारक है। वक्री काल में इन क्षेत्रों में विलंब और भ्रम होता है।

प्र.बुध वक्री का उपाय क्या है?

बुध बीज मंत्र (ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः) का 17 बार जाप करें। बुधवार को हरे मूंग का दान करें। पन्ना या हरा टूरमालीन धारण करें।