पौराणिक मंत्र · भगवान वराह (विष्णु का वराह अवतार)
वराह मंत्र
Varaha Mantra
संस्कृत (देवनागरी)
ॐ श्री वराहाय नमः
रोमन लिपि
Om Shri Varahaya Namah
अर्थ
ॐ, उस महिमामय वराह को प्रणाम जिन्होंने पृथ्वी को ब्रह्मांडीय सागर से उठाकर सृष्टि की रक्षा की।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
वराह मंत्र के लाभ
- ·गहरे कार्मिक अवरोधों को दूर करता है और अटकी हुई परिस्थितियों को उठाता है
- ·भूमि, संपत्ति और अचल संपत्ति की रक्षा करता है — प्रमुख संपत्ति लेनदेन से पहले अत्यधिक अनुशंसित
- ·कुंडली में पृथ्वी तत्व को मजबूत करता है — कमजोर पृथ्वी तत्व वाले लोगों के लिए लाभकारी
- ·राक्षसी प्रभावों और काले जादू के प्रभावों को नष्ट करता है (वराह ने हिरण्याक्ष को हराया)
- ·साहस, स्थिरता और आपदा से स्थितियों को बचाने की शक्ति प्रदान करता है
- ·भौतिक स्थिरता, कृषि समृद्धि और पृथ्वी से प्रचुरता को बढ़ावा देता है
जाप विधि
- 1.पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके पीले या केसरिया आसन पर बैठें
- 2.घी का दीपक जलाएं और वराह या विष्णु की छवि पर पीले फूल अर्पित करें
- 3.स्पष्ट और स्थिरतापूर्वक जप करें, वराह के सुनहरे रूप का ध्यान करें जो अपने दांतों पर भूदेवी को उठा रहे हैं
- 4.अधिकतम शक्ति के लिए एकादशी, पूर्णिमा या द्वादशी तिथि पर करें
- 5.संपत्ति सुरक्षा के लिए 11 या 21 माला जपें और पुजारी की सलाह पर तांबे का यंत्र गाड़ें
- 6.तुलसी या रुद्राक्ष माला का उपयोग करें; पूजा के दिन सात्विक आहार बनाए रखें
जाप का सर्वोत्तम समय
ब्रह्म मुहूर्त। एकादशी और द्वादशी। गुरुवार। फाल्गुन और कार्तिक माह में।
अनुशंसित जाप संख्या
प्रतिदिन 108 बार। संपत्ति सुरक्षा अनुष्ठान के लिए: 3 या 7 दिनों में 1008 बार।
सामान्य प्रश्न
प्र.वराह अवतार की कथा क्या है?
वराह पुराण और भागवत पुराण में, राक्षस हिरण्याक्ष ने पृथ्वी (भूदेवी) को चुरा लिया और ब्रह्मांडीय सागर की तली में छिपा दिया। विष्णु ने एक विशाल वराह का रूप लिया, आदि जल में गोता लगाया, हिरण्याक्ष को मारा और पृथ्वी को अपने दांतों पर उठाकर वापस उसकी उचित स्थिति में लाया। वराह धार्मिक व्यवस्था को बहाल करने की दिव्य इच्छा का प्रतीक हैं।
प्र.क्या वराह मंत्र भूमि विवादों के लिए प्रभावी है?
पारंपरिक ग्रंथ और पुजारी वराह मंत्र को संपत्ति विवाद, अचल संपत्ति के न्यायालय मामलों और अतिक्रमण के लिए विशेष रूप से अनुशंसित करते हैं। कई भक्त 40 दिनों की वराह मंत्र साधना के बाद लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवादों का समाधान होने की रिपोर्ट करते हैं।