पौराणिक मंत्र · सुदर्शन चक्र (विष्णु का अस्त्र)
सुदर्शन मंत्र
Sudarshana Mantra
संस्कृत (देवनागरी)
ॐ सुदर्शनाय विद्महे महाज्वालाय धीमहि तन्नः चक्रः प्रचोदयात् मूल मंत्र: ॐ क्लीं सुदर्शनाय नमः
रोमन लिपि
Om Sudarshanaaya Vidmahe Mahajwalaya Dhimahi Tannah Chakrah Prachodayat Mula Mantra: Om Kleem Sudarshanaaya Namah
अर्थ
हम सुदर्शन (विष्णु के सुंदर चक्र) को जानते हैं, महाज्वाला का ध्यान करते हैं — चक्र हमें प्रेरित और प्रकाशित करे। मूल मंत्र: ॐ। क्लीं। सुदर्शन को नमस्कार।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
सुदर्शन मंत्र के लाभ
- ·विष्णु के सुदर्शन चक्र का आह्वान — सबसे शक्तिशाली दिव्य अस्त्र
- ·सभी बुराई, काला जादू और नकारात्मक संस्थाओं को तुरंत नष्ट करता है
- ·भक्त के चारों ओर एक अभेद्य सुरक्षा कवच बनाता है
- ·रोग दूर करता है, विशेषकर कार्मिक आयाम वाली जिद्दी पुरानी बीमारी
- ·धर्म के मार्ग में शत्रुओं और विरोध को नष्ट करता है
- ·खतरनाक स्थितियों में सुरक्षा के लिए सबसे शक्तिशाली मंत्र
जाप विधि
- 1.रविवार और गुरुवार सबसे शुभ (सूर्य और बृहस्पति — विष्णु के ग्रह)
- 2.विष्णु या सुदर्शन को कमल के फूल, तुलसी और पीली मिठाई चढ़ाएँ
- 3.स्फटिक माला — सुदर्शन की ऊर्जा हीरे की तरह शुद्ध है
- 4.जाप के दौरान पूर्व दिशा में मुँह करें
- 5.जाप करते समय अपने चारों ओर एक घूमते सुनहरे प्रकाश चक्र की कल्पना करें
- 6.रात में जब खतरा या भय महसूस हो: तत्काल सुरक्षा के लिए 21 बार जपें
जाप का सर्वोत्तम समय
रविवार और गुरुवार। ब्रह्म मुहूर्त। किसी भी खतरे के समय। एकादशी।
अनुशंसित जाप संख्या
तत्काल सुरक्षा के लिए 21 बार। निरंतर सुरक्षा के लिए प्रतिदिन 108 बार।
सामान्य प्रश्न
प्र.सुदर्शन चक्र क्या है?
सुदर्शन चक्र भगवान विष्णु का घूमता हुआ चक्र अस्त्र है। सुदर्शन का अर्थ है "सुंदर दृष्टि"। यह विष्णु की दाहिनी तर्जनी पर घूमता है और मन की गति से चलता है। यह बुराई को नष्ट करता है और अच्छे की रक्षा करता है।