वैदिक मंत्र · भगवान नरसिंह (विष्णु के नर-सिंह अवतार)
नरसिंह मंत्र — उग्रं वीरं महाविष्णुम्
Narsimha Mantra
संस्कृत (देवनागरी)
उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम् नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्
रोमन लिपि
Ugram Veeram Mahavishnum Jvalantam Sarvatomukham Nrisimham Bhishanam Bhadram Mrityumrityum Namamyaham
अर्थ
मैं उग्र और वीर महाविष्णु को नमस्कार करता हूँ, जो आग से प्रज्वलित हैं, जो सर्वत्र उपस्थित हैं (सर्वमुखी), जो नरसिंह हैं — भयंकर किंतु कल्याणकारी — मृत्यु की भी मृत्यु।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
नरसिंह मंत्र — उग्रं वीरं महाविष्णुम् के लाभ
- ·सबसे शक्तिशाली सुरक्षा मंत्र — सभी बुराई को तुरंत नष्ट करता है
- ·काला जादू, बुरी नजर, जादू-टोने और सभी अलौकिक हमलों को दूर करता है
- ·बच्चों की सभी हानि से रक्षा — पारंपरिक रूप से नवजात शिशुओं की रक्षा के लिए पढ़ा जाता है
- ·सभी शत्रुओं पर विजय — अलौकिक और सांसारिक दोनों
- ·मृत्यु के भय को जीतता है और निर्भयता देता है
- ·अशुभ शनि, राहु और केतु के प्रभाव नष्ट होते हैं
जाप विधि
- 1.जब भी खतरा, भय या मानसिक हमला महसूस हो, जपें
- 2.शनिवार शाम सबसे शक्तिशाली — नरसिंह विष्णु के रूप हैं जो शनि को नियंत्रित करते हैं
- 3.नरसिंह को लाल फूल, कपूर और घी का दीपक अर्पित करें
- 4.नवजात शिशु की सुरक्षा के लिए उसके चारों ओर 11 बार जपें
- 5.यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए: प्रस्थान से पहले 21 बार जपें
- 6.प्रह्लाद जयंती (नरसिंह के भक्त का जन्मदिन) सबसे शुभ दिन है
जाप का सर्वोत्तम समय
शनिवार शाम। किसी भी आपात स्थिति में। नियमित सुरक्षा अभ्यास के लिए ब्रह्म मुहूर्त।
अनुशंसित जाप संख्या
तत्काल सुरक्षा के लिए 11 बार। दैनिक अभ्यास के लिए 108 बार। गहरी सुरक्षा साधना के लिए शनिवार शाम 1008 बार।
सामान्य प्रश्न
प्र.नरसिंह मंत्र क्यों इतना शक्तिशाली है?
नरसिंह विष्णु के सुरक्षात्मक क्रोध का अवतार हैं। उन्होंने हिरण्यकशिपु को उसकी अजेयता के बावजूद प्रह्लाद की रक्षा के लिए नष्ट किया। यह मंत्र इसी असीम सुरक्षात्मक शक्ति को जागृत करता है।
प्र.नरसिंह मंत्र बच्चों की रक्षा के लिए कैसे जपें?
नवजात या बच्चे के चारों ओर 11 बार जपें। रात सोते समय बच्चे के कमरे में 21 बार जपें। किसी भी बीमारी या खतरे के समय 108 बार जपें।