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वैदिक मंत्र · सार्वभौमिक आत्मा / ब्रह्म

सोऽहम् मंत्र, मैं वही हूँ

Soham Mantra

प्रकारवैदिक मंत्र
देवतासार्वभौमिक आत्मा / ब्रह्म
अक्षर2

संस्कृत (देवनागरी)

सोऽहम् (So = That; Ham/Aham = I) श्वास के साथ: So (श्वास लेते), Ham (श्वास छोड़ते)

रोमन लिपि

Soham (So = That; Ham = I) With breath: So (inhale), Ham (exhale)

अर्थ

मैं वही (ब्रह्म/सार्वभौमिक चेतना) हूँ। सोऽहम् श्वास का प्राकृतिक मंत्र है, यह श्वास की स्वयं की ध्वनि है: श्वास लेते समय "So", छोड़ते समय "Ham"। यह वह मंत्र है जिसे हर व्यक्ति जाने बिना प्रतिदिन 21,600 बार जपता है।

अंतिम अपडेट: 13 जून 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र

सोऽहम् मंत्र, मैं वही हूँ के लाभ

  • ·सबसे प्राकृतिक मंत्र, कोई गिनती नहीं, कोई माला नहीं, बस सचेत श्वास
  • ·व्यक्तिगत चेतना (आत्मा) और सार्वभौमिक चेतना (ब्रह्म) की पहचान की प्रत्यक्ष पुष्टि
  • ·आत्म-जिज्ञासा और अद्वैत वेदांत अभ्यास के लिए अत्यंत शक्तिशाली
  • ·कहीं भी अभ्यास किया जा सकता है, चलते, यात्रा करते, काम करते, श्वास के साथ मौन में
  • ·अहंकार और परमात्मा से अलगाव की झूठी भावना को भंग करता है
  • ·क्रिया योग और कई तांत्रिक श्वास अभ्यासों की नींव

जाप विधि

  1. 1.आरामदायक स्थिति में बैठें। श्वास को नियंत्रित किए बिना स्वाभाविक रूप से सांस लें
  2. 2.श्वास लेते समय मानसिक रूप से "So" सुनें/कहें, "वह" आपमें प्रवेश करता महसूस करें
  3. 3.श्वास छोड़ते समय मानसिक रूप से "Ham" सुनें/कहें, "मैं हूँ" सब कुछ में विलीन होता महसूस करें
  4. 4.जबरदस्ती न करें, बस श्वास को यह ध्वनि स्वाभाविक रूप से बनाते हुए सुनें
  5. 5.10 मिनट से शुरू करें; धीरे-धीरे 20-40 मिनट तक बढ़ाएँ
  6. 6.उन्नत: सांसों के बीच की संक्षिप्त रुकावटों के प्रति सजग रहते हुए सोऽहम् का अभ्यास करें

जाप का सर्वोत्तम समय

कभी भी, यह मंत्र श्वास से जुड़ा है, इसलिए सदा उपलब्ध है। सुबह ध्यान के लिए सर्वोत्तम।

अनुशंसित जाप संख्या

गिनती की आवश्यकता नहीं, श्वास स्वयं गिनती करती है (प्रतिदिन स्वाभाविक रूप से 21,600 बार)। औपचारिक अभ्यास: 10-40 मिनट।

सामान्य प्रश्न

प्र.सोऽहम् और ॐ में क्या अंतर है?

ॐ ब्रह्मांडीय सृष्टि की ध्वनि है, बाह्य जाप। सोऽहम् उस ब्रह्मांड के साथ एकता की आंतरिक पुष्टि है, श्वास के साथ मौन। ॐ भक्ति के लिए, सोऽहम् आत्म-जिज्ञासा के लिए।

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