वैदिक मंत्र · पितृ देवता (पितृ आत्माएँ)
पितृ दोष मंत्र
Pitra Dosha Mantra
संस्कृत (देवनागरी)
ॐ पितृभ्यो नमः पितृ तर्पण मंत्र: ॐ पितृ देवाय विद्महे जगत धारिण्यै धीमहि तन्नः पितरो प्रचोदयात्
रोमन लिपि
Om Pitribhyo Namah Pitru Tarpan Mantra: Om Pitru Devaya Vidmahe Jagat Dharinyai Dhimahi Tannah Pitaro Prachodayat
अर्थ
ॐ। पितृ आत्माओं को नमस्कार। पितृ तर्पण गायत्री: हम पितृ देव को जानते हैं, जगत धारिणी का ध्यान करते हैं — पितर हमें प्रेरित और प्रकाशित करें।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
पितृ दोष मंत्र के लाभ
- ·पितृ दोष को हल करता है — वर्तमान पीढ़ी को प्रभावित करने वाला पितृ कर्म
- ·पितृ असंतोष के कारण विवाह, करियर और स्वास्थ्य में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं
- ·दिवंगत आत्माओं को शांति मिलती है और वे भटकती अवस्थाओं से मुक्त होती हैं
- ·जीवित और दिवंगत परिवार के सदस्यों के बीच संबंध मजबूत होता है
- ·साधक विरासत में मिले कार्मिक पैटर्न से मुक्त होता है
- ·पितृ पक्ष (पितृ पूजा के लिए 16 दिन) पर सबसे शक्तिशाली
जाप विधि
- 1.पितृ पक्ष (श्राद्ध अवधि — भाद्रपद/आश्विन मास में 16 दिन) सबसे शुभ
- 2.हर महीने अमावस्या भी पितृ दोष उपाय के लिए शक्तिशाली है
- 3.जाप करते हुए काले तिल के साथ जल (तर्पण) अर्पित करें — दक्षिण दिशा में (यम की दिशा)
- 4.पितृ पक्ष के दिनों में ब्राह्मणों, कौओं, गायों और कुत्तों को भोजन दान करें
- 5.गया, काशी या नदी संगम पर पिंड दान करें
- 6.पूरे 16 दिन के पितृ पक्ष काल में प्रतिदिन 108 बार जपें
जाप का सर्वोत्तम समय
पितृ पक्ष (16 दिन)। हर महीने अमावस्या। महालय अमावस्या (सबसे महत्वपूर्ण पितृ अमावस्या)।
अनुशंसित जाप संख्या
पितृ पक्ष के दौरान प्रतिदिन 108 बार। अमावस्या पर: जल अर्पण के साथ 108 बार।
सामान्य प्रश्न
प्र.पितृ दोष का कारण क्या है?
पितृ दोष तब होता है जब पूर्वजों को उचित अंतिम संस्कार नहीं मिला, वे हिंसक रूप से मरे या अपूर्ण इच्छाएँ रखते हैं। कुंडली में: सूर्य या चंद्र राहु/केतु से पीड़ित, या 9वें घर में शनि।
प्र.पितृ दोष पूरी तरह दूर हो सकता है?
हाँ। नियमित श्राद्ध अनुष्ठान, गया में पिंड दान, अमावस्या पर मंत्र जाप, कौओं और ब्राह्मणों को भोजन, और धर्मपूर्वक जीवन से 1-3 वर्षों में महत्वपूर्ण सुधार होता है।