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पौराणिक मंत्र · भगवान कुबेर (धन के देव)

कुबेर मंत्र — ॐ यक्षाय कुबेराय

Kuber Mantra

प्रकारपौराणिक मंत्र
देवताभगवान कुबेर (धन के देव)
अक्षर20

संस्कृत (देवनागरी)

ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन-धान्य-अधिपतये धन-धान्य-समृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा

रोमन लिपि

Om Yakshaya Kuberaya Vaishravanaya Dhana-Dhanya-Adhipataye Dhana-Dhanya-Samriddhim Me Dehi Dapaya Svaha

अर्थ

ॐ। हे कुबेर, यक्षों के स्वामी, विश्रवण के पुत्र, सभी धन और अन्न के अधिपति — मुझे धन और अन्न की समृद्धि दें। दें और दिलाएँ। स्वाहा।

अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र

कुबेर मंत्र — ॐ यक्षाय कुबेराय के लाभ

  • ·वित्तीय समृद्धि के लिए धन के देव का प्रत्यक्ष आह्वान
  • ·अवरुद्ध वित्तीय चैनल खुलते हैं और नई आय धाराएँ बनती हैं
  • ·गरीबी, कर्ज और वित्तीय ठहराव दूर होता है
  • ·घर और व्यापार में समृद्धि आती है
  • ·उत्तर दिशा (कुबेर की दिशा) की ऊर्जा से संरेखित होता है
  • ·लक्ष्मी मंत्र के साथ मिलाने पर सबसे शक्तिशाली धन मंत्र

जाप विधि

  1. 1.उत्तर दिशा में मुँह करें (कुबेर की दिशा — वे उत्तर के रक्षक हैं)
  2. 2.गुरुवार सर्वोत्तम — शुक्रवार भी (शुक्र और कुबेर दोनों धन के स्वामी)
  3. 3.पीले कपड़े पर कुबेर यंत्र या कुबेर की तस्वीर रखें
  4. 4.पीले फूल, पीली मिठाई, हल्दी और सोने/चाँदी के सिक्के अर्पित करें
  5. 5.स्फटिक माला या सुनहरी माला से गिनती करें
  6. 6.घी का दीपक जलाएँ और घर/कार्यालय में उत्तर दिशा में रखें

जाप का सर्वोत्तम समय

गुरुवार प्रातः। धनतेरस (दिवाली से दो दिन पहले — सबसे शुभ)। अक्षय तृतीया। गुरु होरा के दौरान।

अनुशंसित जाप संख्या

प्रतिदिन 108 बार। धनतेरस: 1008 बार। कुबेर साधना के लिए पुरश्चरण: 21,000 जाप।

सामान्य प्रश्न

प्र.कुबेर मंत्र और लक्ष्मी मंत्र में कौन सा अधिक शक्तिशाली है?

दोनों अलग-अलग धन पहलुओं के लिए हैं। लक्ष्मी माँ दैवीय समृद्धि की देवी हैं, कुबेर भौतिक धन संचय के देव। दोनों को मिलाकर — सुबह लक्ष्मी और शाम को कुबेर — सर्वोत्तम परिणाम मिलते हैं।

प्र.कुबेर यंत्र कहाँ रखें?

घर या कार्यालय के उत्तर या ईशान कोण में। आँखों के स्तर पर या ऊपर। गुरुवार को ताजे फूल और दीपक से ऊर्जावान करें। व्यापार में तिजोरी में रखें।

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