बीज मंत्र · भगवान बुध देव
बुध बीज मंत्र
Budh Beej Mantra
प्रकारबीज मंत्र
देवताभगवान बुध देव
अक्षर10
संस्कृत (देवनागरी)
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
रोमन लिपि
Om Braam Breem Braum Sah Budhaya Namah
अर्थ
ॐ। बुध देव को नमस्कार। बीज अक्षर ब्रां, ब्रीं, ब्रौं बुध की त्वरित, विश्लेषणात्मक और संचारक ऊर्जा के वाहक हैं। यह मंत्र बुद्धि तीव्र करता है, संचार सुधारता है और व्यावसायिक बुद्धि बढ़ाता है।
अंतिम अपडेट: 22 मई 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
बुध बीज मंत्र के लाभ
- ·विश्लेषणात्मक बुद्धि, तर्क और समस्या-समाधान क्षमता तीव्र होती है
- ·संचार, लेखन, बोलने और वार्ता कौशल में सुधार
- ·व्यावसायिक बुद्धि, व्यापार कौशल और वित्तीय तर्क क्षमता बढ़ती है
- ·वाणी दोष और संचार बाधाएँ दूर होती हैं
- ·विद्यार्थियों, लेखकों, पत्रकारों, व्यापारियों और IT पेशेवरों के लिए लाभकारी
- ·कमजोर बुध को मजबूत करता है, स्मृति और त्वरित सोच में सुधार
जाप विधि
- 1.बुधवार प्रातः उत्तर दिशा में मुँह करके जपें (बुध की दिशा)
- 2.विष्णु जी या बुध देव को हरी दूर्वा, हरी सब्जियाँ या मूँग दाल चढ़ाएँ
- 3.पन्ने की या जेड की माला, हरा रंग बुध का रंग है
- 4.अगरबत्ती जलाएँ, बुध को सुगंध बहुत प्रिय है
- 5.व्यापारिक बैठकों, परीक्षाओं या महत्वपूर्ण प्रस्तुतियों से पहले जाप करें
- 6.विद्यार्थी पढ़ाई बैठने से पहले 21 बार जपें
जाप का सर्वोत्तम समय
बुधवार प्रातः। बुधवार ब्रह्म मुहूर्त। बुध होरा के दौरान।
अनुशंसित जाप संख्या
प्रतिदिन 108 बार। पुरश्चरण: 9,000 जाप। संचार समस्याओं के लिए: 21 लगातार बुधवार 108 बार।
सामान्य प्रश्न
प्र.बुध बीज मंत्र किसे जपना चाहिए?
कुंडली में बुध कमजोर, नीच (मीन में), अस्त या वक्री हो। संचार में कठिनाई, व्यापार, लेखन, IT पेशेवर। बुध दशा-अंतर्दशा में।
प्र.बुध मंत्र से क्या फल मिलता है?
बुद्धि तीव्र होती है, संचार सुधरता है, व्यापार में सफलता मिलती है और स्मृति बढ़ती है।