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वैदिक मंत्र · भगवान सूर्य देव

आदित्य हृदयम्

Aditya Hridayam

प्रकारवैदिक मंत्र
देवताभगवान सूर्य देव

संस्कृत (देवनागरी)

ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम्। रावणं चाग्रतो दृष्ट्वा युद्धाय समुपस्थितम्॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम्। उपागम्याब्रवीद्राममगस्त्यो भगवानृषिः॥ (31 verses — Key verse:) आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्। जयावहं जपेन्नित्यमक्षय्यं परमं शिवम्॥

रोमन लिपि

Tato Yuddhaparishrantam Samare Chintaya Sthitam Ravanam Chagrato Drishtva Yuddhaya Samupasthitam Daivataischa Samagamya Drashtumabhyagato Ranam Upagamyabravid Ramam Agastyo Bhagavan Rishih (Key verse:) Adityahridayam Punyam Sarvashatruvinashanam Jayavaham Japennityam Akshayam Paramam Shivam

अर्थ

जब राम युद्ध में थके हुए, चिंतित, लड़ाई के लिए तैयार रावण के सामने खड़े थे, तब दिव्य ऋषि अगस्त्य ने उन्हें पवित्र आदित्य हृदयम् सिखाने के लिए प्रकट हुए। (मुख्य श्लोक): आदित्य हृदयम् पवित्र है, सभी शत्रुओं को नष्ट करता है, विजय दिलाता है, प्रतिदिन जपना चाहिए — यह अक्षय और परम शुभ है।

अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र

आदित्य हृदयम् के लाभ

  • ·पूर्ण आदित्य हृदयम् (वाल्मीकि रामायण से 31 श्लोक) सबसे शक्तिशाली सूर्य स्तोत्रों में से एक
  • ·राम ने रावण को हराने से पहले इसे पढ़ा — यह सभी युद्धों में विजय देता है
  • ·सभी शत्रुओं को नष्ट करता है — शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक
  • ·सूर्य के सभी पहलुओं को आह्वान करके सर्वोच्च स्वास्थ्य, जीवन शक्ति और प्रतिरक्षा मिलती है
  • ·करियर, प्रतिस्पर्धा और शक्ति की आवश्यकता वाले सभी प्रयासों में बाधाएँ दूर होती हैं
  • ·प्रतिदिन सभी 31 श्लोकों का पाठ सबसे व्यापक सूर्य-शक्तिवर्धन अभ्यास है

जाप विधि

  1. 1.रविवार सूर्योदय पर जपें — उगते सूर्य की ओर मुँह करें
  2. 2.जाप के दौरान या तुरंत बाद सूर्य को जल (अर्घ्य) अर्पित करें
  3. 3.पूरे 31 श्लोकों को पढ़ने में लगभग 15-20 मिनट लगते हैं
  4. 4.सीमित समय वालों के लिए: मुख्य श्लोक (आदित्यहृदयं पुण्यं...) 11 बार जपें
  5. 5.किसी भी प्रतियोगिता, युद्ध, परीक्षा या चुनौती से पहले: पूरा पाठ करें
  6. 6.आदित्य हृदयम् पाठ के लिए राम नवमी सबसे शुभ दिन है

जाप का सर्वोत्तम समय

रविवार सूर्योदय पर। किसी भी महत्वपूर्ण प्रतियोगिता या चुनौती से पहले। राम नवमी। सूर्य ग्रहण के दौरान।

अनुशंसित जाप संख्या

पूरे 31 श्लोक: प्रतिदिन 1-3 बार। मुख्य श्लोक: न्यूनतम 11 बार। पुरश्चरण: 1000 पूर्ण पाठ।

सामान्य प्रश्न

प्र.आदित्य हृदयम् के पीछे क्या कहानी है?

आदित्य हृदयम् वाल्मीकि रामायण के युद्धकांड में आता है। जब राम थके हुए और रावण से अंतिम युद्ध से पहले चिंतित थे, तब ऋषि अगस्त्य ने यह 31 श्लोकों का सूर्य स्तोत्र सिखाया। तीन बार पढ़ने के बाद राम ऊर्जावान हो गए और रावण को पराजित किया।

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