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प्रमुख त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव

वट सावित्री व्रत

देवता सावित्री, सत्यवान, भगवान ब्रह्मा, यमराज
माह ज्येष्ठ अमावस्या या पूर्णिमा (मई/जून)
क्षेत्र उत्तर भारत (अमावस्या), महाराष्ट्र (पूर्णिमा/वट पूर्णिमा)

संक्षिप्त परिचय

वट सावित्री विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा मनाया जाता है जो उपवास करती हैं और बरगद के पेड़ (वट/बरगद) — अमर माना जाता है — की पूजा करती हैं और पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती हैं, सावित्री की भक्ति से प्रेरित होकर जो अपनी प्रेम, बुद्धि और दृढ़ता से पति सत्यवान को यम (मृत्यु के देवता) से वापस लाई थीं।

अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

महत्व

पत्नी की भक्ति (पतिव्रता धर्म) की शक्ति का उत्सव जैसा सावित्री ने प्रेम और ज्ञान से स्वयं मृत्यु को भी हरा दिया। बरगद का पेड़ अमरता और ब्रह्मांडीय विश्व-वृक्ष का प्रतीक है।

अनुष्ठान और परंपराएं

सूर्योदय से व्रत रखें। पूजा सामग्री लेकर बरगद के पेड़ के पास जाएं। पेड़ की परिक्रमा (7 या 108 बार) करते हुए उसमें पवित्र धागा बाँधें। पेड़ को सिंदूर, फल और जल अर्पित करें।

पारंपरिक व्यंजन

खीरमिठाईफल

सामान्य प्रश्न

प्र.वट सावित्री व्रत क्या है?

वट सावित्री विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा मनाया जाता है जो उपवास करती हैं और बरगद के पेड़ (वट/बरगद) — अमर माना जाता है — की पूजा करती हैं और पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती हैं, सावित्री की भक्ति से प्रेरित होकर जो अपनी प्रेम, बुद्धि और दृढ़ता स...

प्र.वट सावित्री व्रत का क्या महत्व है?

पत्नी की भक्ति (पतिव्रता धर्म) की शक्ति का उत्सव जैसा सावित्री ने प्रेम और ज्ञान से स्वयं मृत्यु को भी हरा दिया। बरगद का पेड़ अमरता और ब्रह्मांडीय विश्व-वृक्ष का प्रतीक है।

प्र.वट सावित्री व्रत के अनुष्ठान क्या हैं?

सूर्योदय से व्रत रखें। पूजा सामग्री लेकर बरगद के पेड़ के पास जाएं। पेड़ की परिक्रमा (7 या 108 बार) करते हुए उसमें पवित्र धागा बाँधें। पेड़ को सिंदूर, फल और जल अर्पित करें।

प्र.वट सावित्री व्रत में कौन से व्यंजन बनते हैं?

खीर, मिठाई, फल

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