प्रमुख त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
होली
संक्षिप्त परिचय
होली रंगों का त्योहार है, जो फाल्गुन की पूर्णिमा को मनाया जाता है — सबसे आनंदमय हिंदू त्योहारों में से एक। यह भक्त प्रह्लाद और राक्षसी होलिका (एक रात पहले होलिका दहन में जली) की कहानी के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव है। वृंदावन और मथुरा में होली राधा और कृष्ण के चंचल प्रेम का जश्न मनाती है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
भक्ति की बुराई पर विजय, वसंत का आगमन, संबंधों का नवीनीकरण और प्रेम व आनंद की जीत। पूर्व संध्या पर होलिका दहन बुराई को जलाने का प्रतीक है।
अनुष्ठान और परंपराएं
फाल्गुन पूर्णिमा की शाम होलिका दहन (अलाव)। अगली सुबह: एक-दूसरे पर रंगीन पाउडर (गुलाल) लगाएं, रंगीन पानी छिड़कें। मिठाइयाँ बाँटें। मंदिर जाएं। ठंडाई पिएं। पिछले मनमुटाव माफ करें।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.होली क्या है?
होली रंगों का त्योहार है, जो फाल्गुन की पूर्णिमा को मनाया जाता है — सबसे आनंदमय हिंदू त्योहारों में से एक। यह भक्त प्रह्लाद और राक्षसी होलिका (एक रात पहले होलिका दहन में जली) की कहानी के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव है। वृंदावन और मथुरा...
प्र.होली का क्या महत्व है?
भक्ति की बुराई पर विजय, वसंत का आगमन, संबंधों का नवीनीकरण और प्रेम व आनंद की जीत। पूर्व संध्या पर होलिका दहन बुराई को जलाने का प्रतीक है।
प्र.होली के अनुष्ठान क्या हैं?
फाल्गुन पूर्णिमा की शाम होलिका दहन (अलाव)। अगली सुबह: एक-दूसरे पर रंगीन पाउडर (गुलाल) लगाएं, रंगीन पानी छिड़कें। मिठाइयाँ बाँटें। मंदिर जाएं। ठंडाई पिएं। पिछले मनमुटाव माफ करें।
प्र.होली में कौन से व्यंजन बनते हैं?
गुजिया, ठंडाई, दही भल्ला, मालपुआ, पूरन पोली, पकोड़ा