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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

प्रमुख त्योहार, हिंदू पवित्र उत्सव

जन्माष्टमी

देवता भगवान कृष्ण
माह भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (अगस्त/सितंबर)
क्षेत्र पूरे भारत में (मथुरा-वृंदावन सबसे प्रसिद्ध, दही हांडी के लिए महाराष्ट्र)

संक्षिप्त परिचय

जन्माष्टमी भगवान कृष्ण, विष्णु के आठवें अवतार, का जन्मदिन मनाती है जो भाद्रपद के अंधेरे पखवाड़े की आठवीं तिथि को मध्यरात्रि में हुआ था। पौराणिक कथा के अनुसार, कृष्ण का जन्म मथुरा में एक कारागृह में देवकी और वसुदेव के घर हुआ था। उत्सव में कृष्ण प्रतिमा की सजावट, मध्यरात्रि तक उपवास, मध्यरात्रि में जन्मोत्सव, दही हांडी और कृष्ण लीला के सांस्कृतिक प्रदर्शन शामिल हैं।

अंतिम अपडेट: 14 जून 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

महत्व

भगवान कृष्ण का जन्म, दिव्य प्रेम, ज्ञान और भगवद्गीता के गुरु का अवतार। कृष्ण विष्णु के पूर्ण अवतार (पूर्णावतार) का प्रतिनिधित्व करते हैं।

अनुष्ठान और परंपराएं

कृष्ण प्रतिमा को नए कपड़े और आभूषण से सजाएं। मध्यरात्रि तक व्रत रखें। शिशु कृष्ण के लिए पालना (झूला) बनाएं। मध्यरात्रि में "नंद घर आनंद भयो" के जाप के साथ अभिषेक और जन्म समारोह करें। युवा टीमों द्वारा दही हांडी।

पारंपरिक व्यंजन

पंजीरीपंचामृतमाखन मिश्रीगोपालकालाखीरमथुरा पेड़ा

सामान्य प्रश्न

प्र.जन्माष्टमी क्या है?

जन्माष्टमी भगवान कृष्ण, विष्णु के आठवें अवतार, का जन्मदिन मनाती है जो भाद्रपद के अंधेरे पखवाड़े की आठवीं तिथि को मध्यरात्रि में हुआ था। पौराणिक कथा के अनुसार, कृष्ण का जन्म मथुरा में एक कारागृह में देवकी और वसुदेव के घर हुआ था। उत्सव में कृष्ण प्रतिम...

प्र.जन्माष्टमी का क्या महत्व है?

भगवान कृष्ण का जन्म, दिव्य प्रेम, ज्ञान और भगवद्गीता के गुरु का अवतार। कृष्ण विष्णु के पूर्ण अवतार (पूर्णावतार) का प्रतिनिधित्व करते हैं।

प्र.जन्माष्टमी के अनुष्ठान क्या हैं?

कृष्ण प्रतिमा को नए कपड़े और आभूषण से सजाएं। मध्यरात्रि तक व्रत रखें। शिशु कृष्ण के लिए पालना (झूला) बनाएं। मध्यरात्रि में "नंद घर आनंद भयो" के जाप के साथ अभिषेक और जन्म समारोह करें। युवा टीमों द्वारा दही हांडी।

प्र.जन्माष्टमी में कौन से व्यंजन बनते हैं?

पंजीरी, पंचामृत, माखन मिश्री, गोपालकाला, खीर, मथुरा पेड़ा

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