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मौसमी त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव

उगादि

देवता भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु
माह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (मार्च/अप्रैल)
क्षेत्र कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना

संक्षिप्त परिचय

उगादि (संस्कृत "युग" + "आदि" = नए युग की शुरुआत) कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लोगों का हिंदू नव वर्ष है, जो चैत्र मास के पहले दिन मनाया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि की रचना शुरू की थी। यह हिंदू चंद्र-सौर कैलेंडर में नए संवत्सर (वर्ष) की शुरुआत का प्रतीक है। सबसे विशिष्ट परंपरा बेवु-बेल्ला (नीम की पत्तियाँ और गुड़ एक साथ खाना) है, जो नए वर्ष के कड़वे और मीठे अनुभवों को स्वीकार करने का प्रतीक है।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

महत्व

नए हिंदू वर्ष की शुरुआत — नवीनीकरण, आशा और नई शुरुआत का दिन। उगादि पच्चड़ी (छह स्वाद की चटनी) एक दार्शनिक कथन है: जीवन में सभी छह स्वाद (मीठा, खट्टा, कड़वा, तीखा, नमकीन, कसैला) होते हैं और सबको समभाव से स्वीकार करना चाहिए।

अनुष्ठान और परंपराएं

सुबह तेल स्नान और नए कपड़े। प्रवेश द्वार पर आम के पत्तों का तोरण सजाएं। उगादि पच्चड़ी (छह स्वाद की चटनी) बनाएं और खाएं। पुजारी द्वारा पंचांग श्रवणम (नए वर्ष के पंचांग का पाठ) सुनें। मंदिर जाएं। उपहार बाँटें।

पारंपरिक व्यंजन

उगादि पच्चड़ी (छह स्वाद की चटनी)ओब्बट्टू/होळिगे (मीठी रोटी)पुलिहोर (इमली चावल)बेवु-बेल्ला (नीम-गुड़)रवा केसरीबूरेलुकच्चे आम की चटनी

सामान्य प्रश्न

प्र.उगादि क्या है?

उगादि (संस्कृत "युग" + "आदि" = नए युग की शुरुआत) कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लोगों का हिंदू नव वर्ष है, जो चैत्र मास के पहले दिन मनाया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि की रचना शुरू की थी। यह हिंदू चंद्र-सौर कैल...

प्र.उगादि का क्या महत्व है?

नए हिंदू वर्ष की शुरुआत — नवीनीकरण, आशा और नई शुरुआत का दिन। उगादि पच्चड़ी (छह स्वाद की चटनी) एक दार्शनिक कथन है: जीवन में सभी छह स्वाद (मीठा, खट्टा, कड़वा, तीखा, नमकीन, कसैला) होते हैं और सबको समभाव से स्वीकार करना चाहिए।

प्र.उगादि के अनुष्ठान क्या हैं?

सुबह तेल स्नान और नए कपड़े। प्रवेश द्वार पर आम के पत्तों का तोरण सजाएं। उगादि पच्चड़ी (छह स्वाद की चटनी) बनाएं और खाएं। पुजारी द्वारा पंचांग श्रवणम (नए वर्ष के पंचांग का पाठ) सुनें। मंदिर जाएं। उपहार बाँटें।

प्र.उगादि में कौन से व्यंजन बनते हैं?

उगादि पच्चड़ी (छह स्वाद की चटनी), ओब्बट्टू/होळिगे (मीठी रोटी), पुलिहोर (इमली चावल), बेवु-बेल्ला (नीम-गुड़), रवा केसरी, बूरेलु, कच्चे आम की चटनी

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