मौसमी त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
हरियाली तीज
संक्षिप्त परिचय
हरियाली तीज श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है और तीज उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। "हरियाली" का अर्थ है हरापन — यह त्योहार मानसून की हरी-भरी धरती का उत्सव मनाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, देवी पार्वती 108 जन्मों की तपस्या के बाद इस दिन भगवान शिव से पुनर्मिलित हुई थीं। राजस्थान में उत्सव विशेष रूप से भव्य होता है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
श्रावण की हरियाली आशा, उर्वरता और नई शुरुआत का प्रतीक है। 108 जन्मों की अटल तपस्या के बाद पार्वती का शिव से मिलन समर्पित प्रेम और उसके पुरस्कार का परम प्रतीक है।
अनुष्ठान और परंपराएं
विवाहित और अविवाहित महिलाओं द्वारा निर्जला व्रत। हरे कपड़े और हरी चूड़ियाँ पहनें। मेहंदी लगाएं। फूलों से सजाए झूलों पर झूलें। तीज गीत और लोकगीत गाएं। शाम को पार्वती-शिव पूजा। तीज माता की प्रतिमा का जुलूस (विशेषकर राजस्थान में)।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.हरियाली तीज क्या है?
हरियाली तीज श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है और तीज उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। "हरियाली" का अर्थ है हरापन — यह त्योहार मानसून की हरी-भरी धरती का उत्सव मनाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, देवी पार्वती 108 जन्मों की तपस्या के बाद इस दिन भगवा...
प्र.हरियाली तीज का क्या महत्व है?
श्रावण की हरियाली आशा, उर्वरता और नई शुरुआत का प्रतीक है। 108 जन्मों की अटल तपस्या के बाद पार्वती का शिव से मिलन समर्पित प्रेम और उसके पुरस्कार का परम प्रतीक है।
प्र.हरियाली तीज के अनुष्ठान क्या हैं?
विवाहित और अविवाहित महिलाओं द्वारा निर्जला व्रत। हरे कपड़े और हरी चूड़ियाँ पहनें। मेहंदी लगाएं। फूलों से सजाए झूलों पर झूलें। तीज गीत और लोकगीत गाएं। शाम को पार्वती-शिव पूजा। तीज माता की प्रतिमा का जुलूस (विशेषकर राजस्थान में)।
प्र.हरियाली तीज में कौन से व्यंजन बनते हैं?
घेवर, खीर, पुआ, गुजिया, सत्तू