प्रमुख त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
तुलसी विवाह
संक्षिप्त परिचय
तुलसी विवाह पवित्र तुलसी पौधे का भगवान विष्णु (शालिग्राम पत्थर या कृष्ण प्रतिमा) के साथ विधिवत विवाह है। यह कार्तिक शुक्ल एकादशी (देव उठनी एकादशी) को मनाया जाता है, जब विष्णु चार महीने की चातुर्मास निद्रा से जागते हैं, और सभी शुभ कार्यों सहित विवाह की पुनःशुरुआत होती है। तुलसी-विष्णु विवाह से कन्यादान के समान पुण्य मिलता है और हिंदू विवाह सत्र आरंभ होता है।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
चातुर्मास (चार माह के शुभ विराम) की समाप्ति और हिंदू विवाह सत्र की पुनःशुरुआत का प्रतीक। तुलसी विवाह कराना या देखना कन्यादान के समान पुण्यदायी है। तुलसी को विष्णु की प्रिय पत्नी और हिंदू धर्म के सबसे पवित्र पौधे के रूप में सम्मान मिलता है।
अनुष्ठान और परंपराएं
तुलसी पौधे को लाल दुपट्टा/साड़ी और गहनों से सजाएं। पास में शालिग्राम पत्थर या कृष्ण मूर्ति रखें। विवाह संस्कार (सात फेरे) करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। गन्ने के डंठलों से विवाह मंडप सजाएं। फूल, सिंदूर और मिठाई चढ़ाएं। पड़ोसियों में प्रसाद बाँटें।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.तुलसी विवाह क्या है?
तुलसी विवाह पवित्र तुलसी पौधे का भगवान विष्णु (शालिग्राम पत्थर या कृष्ण प्रतिमा) के साथ विधिवत विवाह है। यह कार्तिक शुक्ल एकादशी (देव उठनी एकादशी) को मनाया जाता है, जब विष्णु चार महीने की चातुर्मास निद्रा से जागते हैं, और सभी शुभ कार्यों सहित विवाह क...
प्र.तुलसी विवाह का क्या महत्व है?
चातुर्मास (चार माह के शुभ विराम) की समाप्ति और हिंदू विवाह सत्र की पुनःशुरुआत का प्रतीक। तुलसी विवाह कराना या देखना कन्यादान के समान पुण्यदायी है। तुलसी को विष्णु की प्रिय पत्नी और हिंदू धर्म के सबसे पवित्र पौधे के रूप में सम्मान मिलता है।
प्र.तुलसी विवाह के अनुष्ठान क्या हैं?
तुलसी पौधे को लाल दुपट्टा/साड़ी और गहनों से सजाएं। पास में शालिग्राम पत्थर या कृष्ण मूर्ति रखें। विवाह संस्कार (सात फेरे) करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। गन्ने के डंठलों से विवाह मंडप सजाएं। फूल, सिंदूर और मिठाई चढ़ाएं। पड़ोसियों में प्रसाद बाँटें।
प्र.तुलसी विवाह में कौन से व्यंजन बनते हैं?
आँवला, गन्ना, पंचामृत, तुलसी प्रसाद, खीर