प्रमुख त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
सरस्वती पूजा (वसंत पंचमी)
संक्षिप्त परिचय
सरस्वती पूजा, वसंत पंचमी (माघ के शुक्ल पक्ष की पंचमी) पर मनाई जाती है, जो ज्ञान, विद्या, कला और बुद्धि की देवी माँ सरस्वती को समर्पित है। बंगाल और पूर्वी भारत में यह सबसे प्रिय त्योहारों में से एक है, जब विद्यार्थी आशीर्वाद के लिए अपनी किताबें, वाद्ययंत्र और कलम देवी के चरणों में रखते हैं। बच्चे इस शुभ दिन पारंपरिक रूप से पहली बार अक्षर लिखते हैं (हाते खड़ी समारोह)। वसंत के सरसों के फूलों का प्रतीक पीला रंग पहना जाता है।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
ज्ञान, बुद्धि और कलाओं में दक्षता के लिए माँ सरस्वती का आशीर्वाद लेना। वसंत ऋतु के आगमन और शीत ऋतु के अंत का भी प्रतीक।
अनुष्ठान और परंपराएं
विद्यालयों, महाविद्यालयों और घरों में सरस्वती की मूर्ति स्थापित करें। विद्यार्थी किताबें, वाद्ययंत्र, कलम देवी के चरणों में रखें (विद्यारंभम)। छोटे बच्चों के लिए हाते खड़ी समारोह। पीले कपड़े पहनें। पीले फूल और फल अर्पित करें। किताबें देवी को अर्पित हैं (इस दिन पढ़ाई नहीं)। व्रत और प्रसाद वितरण।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.सरस्वती पूजा (वसंत पंचमी) क्या है?
सरस्वती पूजा, वसंत पंचमी (माघ के शुक्ल पक्ष की पंचमी) पर मनाई जाती है, जो ज्ञान, विद्या, कला और बुद्धि की देवी माँ सरस्वती को समर्पित है। बंगाल और पूर्वी भारत में यह सबसे प्रिय त्योहारों में से एक है, जब विद्यार्थी आशीर्वाद के लिए अपनी किताबें, वाद्य...
प्र.सरस्वती पूजा (वसंत पंचमी) का क्या महत्व है?
ज्ञान, बुद्धि और कलाओं में दक्षता के लिए माँ सरस्वती का आशीर्वाद लेना। वसंत ऋतु के आगमन और शीत ऋतु के अंत का भी प्रतीक।
प्र.सरस्वती पूजा (वसंत पंचमी) के अनुष्ठान क्या हैं?
विद्यालयों, महाविद्यालयों और घरों में सरस्वती की मूर्ति स्थापित करें। विद्यार्थी किताबें, वाद्ययंत्र, कलम देवी के चरणों में रखें (विद्यारंभम)। छोटे बच्चों के लिए हाते खड़ी समारोह। पीले कपड़े पहनें। पीले फूल और फल अर्पित करें। किताबें देवी को अर्पित हैं (इस दिन पढ़ाई नहीं)। व्रत और प्रसाद वितरण।
प्र.सरस्वती पूजा (वसंत पंचमी) में कौन से व्यंजन बनते हैं?
खिचुड़ी, लाबड़ा, बूंदी, बसंती पुलाव (पीला मीठा चावल), नारू, फल, मिठाई