प्रमुख त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
रक्षा बंधन
संक्षिप्त परिचय
रक्षा बंधन (सुरक्षा का बंधन) श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। बहन अपने भाई की कलाई पर पवित्र धागा (राखी) बाँधते हुए उसकी लंबी आयु और समृद्धि के लिए प्रार्थना करती है; भाई उसकी रक्षा का वचन देता है। इसकी जड़ें इंद्राणी द्वारा इंद्र की कलाई पर सुरक्षात्मक धागा बाँधने और द्रौपदी द्वारा कृष्ण के घाव पर कपड़ा बाँधने की कहानियों में हैं।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
भाई-बहन के प्रेम और परस्पर सुरक्षा के कर्तव्य का पवित्र बंधन। राखी का धागा दैवीय सुरक्षा का प्रतीक है जो जैविक भाई-बहन से परे संबंधों तक भी फैला है।
अनुष्ठान और परंपराएं
बहन राखी, रोली, चावल, मिठाई और दीपक के साथ थाली तैयार करती है। भाई पूर्व दिशा में मुख करके बैठता है। बहन तिलक लगाती है, दीपक घुमाती है (आरती), आशीर्वाद के मंत्र जपते हुए कलाई पर राखी बाँधती है।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.रक्षा बंधन क्या है?
रक्षा बंधन (सुरक्षा का बंधन) श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। बहन अपने भाई की कलाई पर पवित्र धागा (राखी) बाँधते हुए उसकी लंबी आयु और समृद्धि के लिए प्रार्थना करती है; भाई उसकी रक्षा का वचन देता है। इसकी जड़ें इंद्राणी द्वारा इंद्र की कलाई पर ...
प्र.रक्षा बंधन का क्या महत्व है?
भाई-बहन के प्रेम और परस्पर सुरक्षा के कर्तव्य का पवित्र बंधन। राखी का धागा दैवीय सुरक्षा का प्रतीक है जो जैविक भाई-बहन से परे संबंधों तक भी फैला है।
प्र.रक्षा बंधन के अनुष्ठान क्या हैं?
बहन राखी, रोली, चावल, मिठाई और दीपक के साथ थाली तैयार करती है। भाई पूर्व दिशा में मुख करके बैठता है। बहन तिलक लगाती है, दीपक घुमाती है (आरती), आशीर्वाद के मंत्र जपते हुए कलाई पर राखी बाँधती है।
प्र.रक्षा बंधन में कौन से व्यंजन बनते हैं?
नारियल की मिठाई, खीर, सेवइयाँ, लड्डू, बर्फी