प्रमुख त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
पुष्कर मेला
संक्षिप्त परिचय
पुष्कर मेला राजस्थान के पुष्कर में कार्तिक पूर्णिमा के आसपास आयोजित भारत के सबसे बड़े और प्राचीन मेलों में से एक है। यहाँ विश्व का एकमात्र प्रमुख ब्रह्मा मंदिर है। किंवदंती के अनुसार, ब्रह्मा ने पुष्कर में यज्ञ किया था और जहाँ उनका कमल गिरा, वहाँ झील बन गई।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
पुष्कर को पाँच पवित्र धामों (पंच तीर्थ) में से एक माना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर झील में स्नान सभी पापों को धोता है। यहाँ का ब्रह्मा मंदिर विश्व का एकमात्र कार्यशील ब्रह्मा मंदिर है।
अनुष्ठान और परंपराएं
पुष्कर झील में पवित्र स्नान — विशेषकर कार्तिक पूर्णिमा पर। ब्रह्मा मंदिर और पहाड़ी पर सावित्री मंदिर में पूजा करें। झील पर फूल अर्पित करें। ऊँट मेले और लोक प्रदर्शनियों में भाग लें। सूर्यास्त के समय घाटों पर आरती में भाग लें।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.पुष्कर मेला क्या है?
पुष्कर मेला राजस्थान के पुष्कर में कार्तिक पूर्णिमा के आसपास आयोजित भारत के सबसे बड़े और प्राचीन मेलों में से एक है। यहाँ विश्व का एकमात्र प्रमुख ब्रह्मा मंदिर है। किंवदंती के अनुसार, ब्रह्मा ने पुष्कर में यज्ञ किया था और जहाँ उनका कमल गिरा, वहाँ झील...
प्र.पुष्कर मेला का क्या महत्व है?
पुष्कर को पाँच पवित्र धामों (पंच तीर्थ) में से एक माना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर झील में स्नान सभी पापों को धोता है। यहाँ का ब्रह्मा मंदिर विश्व का एकमात्र कार्यशील ब्रह्मा मंदिर है।
प्र.पुष्कर मेला के अनुष्ठान क्या हैं?
पुष्कर झील में पवित्र स्नान — विशेषकर कार्तिक पूर्णिमा पर। ब्रह्मा मंदिर और पहाड़ी पर सावित्री मंदिर में पूजा करें। झील पर फूल अर्पित करें। ऊँट मेले और लोक प्रदर्शनियों में भाग लें। सूर्यास्त के समय घाटों पर आरती में भाग लें।
प्र.पुष्कर मेला में कौन से व्यंजन बनते हैं?
दाल बाटी चूरमा, मालपुआ, घेवर, लस्सी, केर सांगरी