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प्रमुख त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव

नरक चतुर्दशी (छोटी दीवाली)

देवता भगवान कृष्ण, सत्यभामा, माँ काली
माह कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (अक्टूबर/नवंबर)
क्षेत्र पूरे भारत में (विशेषकर महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक)

संक्षिप्त परिचय

नरक चतुर्दशी (छोटी दीवाली, रूप चौदस या नरक चौदस भी) कार्तिक के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आती है — दीवाली से एक दिन पहले। यह भगवान कृष्ण और सत्यभामा की राक्षस नरकासुर पर विजय का उत्सव है, जिसने 16,000 महिलाओं को कैद किया था। उसकी हार के बाद कैद महिलाएं मुक्त हुईं और देवताओं ने दीपक जलाए। भक्त सूर्योदय से पहले उठकर तेल और उबटन लगाकर स्नान करते हैं।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

महत्व

कृष्ण की राक्षस नरकासुर पर विजय — कैद आत्माओं की मुक्ति। इस दिन प्रातःकाल तेल स्नान (अभ्यंग स्नान) व्यक्ति को वर्ष भर नरक के भय से मुक्त करता है। यह सौंदर्य, स्वच्छता और आंतरिक तेज का उत्सव भी है (रूप चतुर्दशी)।

अनुष्ठान और परंपराएं

सूर्योदय से पहले उठें और पूरे शरीर पर तिल का तेल लगाएं। उबटन (बेसन, हल्दी और चंदन का पेस्ट) लगाएं। सूर्योदय से पहले अनुष्ठान स्नान करें। नए कपड़े पहनें। शाम को 14 दीपक जलाएं — एक जलस्रोत के पास और एक दक्षिण दिशा (यम की दिशा) में रखें। पटाखे जलाएं।

पारंपरिक व्यंजन

चकलीचिवड़ालड्डूकरंजीफरसाण

सामान्य प्रश्न

प्र.नरक चतुर्दशी (छोटी दीवाली) क्या है?

नरक चतुर्दशी (छोटी दीवाली, रूप चौदस या नरक चौदस भी) कार्तिक के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आती है — दीवाली से एक दिन पहले। यह भगवान कृष्ण और सत्यभामा की राक्षस नरकासुर पर विजय का उत्सव है, जिसने 16,000 महिलाओं को कैद किया था। उसकी हार के बाद कैद महिलाए...

प्र.नरक चतुर्दशी (छोटी दीवाली) का क्या महत्व है?

कृष्ण की राक्षस नरकासुर पर विजय — कैद आत्माओं की मुक्ति। इस दिन प्रातःकाल तेल स्नान (अभ्यंग स्नान) व्यक्ति को वर्ष भर नरक के भय से मुक्त करता है। यह सौंदर्य, स्वच्छता और आंतरिक तेज का उत्सव भी है (रूप चतुर्दशी)।

प्र.नरक चतुर्दशी (छोटी दीवाली) के अनुष्ठान क्या हैं?

सूर्योदय से पहले उठें और पूरे शरीर पर तिल का तेल लगाएं। उबटन (बेसन, हल्दी और चंदन का पेस्ट) लगाएं। सूर्योदय से पहले अनुष्ठान स्नान करें। नए कपड़े पहनें। शाम को 14 दीपक जलाएं — एक जलस्रोत के पास और एक दक्षिण दिशा (यम की दिशा) में रखें। पटाखे जलाएं।

प्र.नरक चतुर्दशी (छोटी दीवाली) में कौन से व्यंजन बनते हैं?

चकली, चिवड़ा, लड्डू, करंजी, फरसाण

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