प्रमुख त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
महाशिवरात्रि
संक्षिप्त परिचय
महाशिवरात्रि (शिव की महान रात) शैव धर्म की सबसे पवित्र रातों में से एक है, जो फाल्गुन के अंधेरे पक्ष की 14वीं तिथि को होती है। यह वह रात है जब भगवान शिव ने अपना ब्रह्मांडीय नृत्य (तांडव) किया और शिव-पार्वती के दिव्य विवाह की रात भी है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
सबसे पवित्र शिव रात — इस रात कोई भी पूजा या व्रत करने से एक वर्ष की शिव पूजा के बराबर पुण्य मिलता है। जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति।
अनुष्ठान और परंपराएं
पूर्ण 24 घंटे का व्रत। रात के प्रत्येक प्रहर में चार-प्रहर पूजा। दूध, शहद, घी, दही, गन्ने के रस से रुद्राभिषेक। रात भर जागें। शिव मंदिर जाएं। ॐ नमः शिवाय जपें।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.महाशिवरात्रि क्या है?
महाशिवरात्रि (शिव की महान रात) शैव धर्म की सबसे पवित्र रातों में से एक है, जो फाल्गुन के अंधेरे पक्ष की 14वीं तिथि को होती है। यह वह रात है जब भगवान शिव ने अपना ब्रह्मांडीय नृत्य (तांडव) किया और शिव-पार्वती के दिव्य विवाह की रात भी है।
प्र.महाशिवरात्रि का क्या महत्व है?
सबसे पवित्र शिव रात — इस रात कोई भी पूजा या व्रत करने से एक वर्ष की शिव पूजा के बराबर पुण्य मिलता है। जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्ति।
प्र.महाशिवरात्रि के अनुष्ठान क्या हैं?
पूर्ण 24 घंटे का व्रत। रात के प्रत्येक प्रहर में चार-प्रहर पूजा। दूध, शहद, घी, दही, गन्ने के रस से रुद्राभिषेक। रात भर जागें। शिव मंदिर जाएं। ॐ नमः शिवाय जपें।
प्र.महाशिवरात्रि में कौन से व्यंजन बनते हैं?
दूध प्रसाद, बेलपत्र प्रसाद, फल (व्रत खोलने के लिए), साबूदाना, मखाना