मौसमी त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
रथ सप्तमी
संक्षिप्त परिचय
रथ सप्तमी (सूर्य जयंती) माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को होती है और सूर्य देवता की उत्तरायण यात्रा का उत्सव है, जब सूर्य अपने सात घोड़ों वाले रथ — सात रंगों और सप्ताह के सात दिनों का प्रतीक — को उत्तरी गोलार्ध की ओर मोड़ते हैं। यह सूर्य का जन्मदिन माना जाता है। भक्त सिर पर आक (अकौआ) की पत्तियाँ रखकर अनुष्ठान स्नान करते हैं।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
सूर्य जयंती — सूर्य देवता का जन्मदिन। यह दिन उत्तरायण के चरमोत्कर्ष और सूर्य की पूर्ण तेजस्विता का प्रतीक है। इस दिन सूर्य पूजा रोगों को ठीक करती है, दीर्घायु देती है और सात जन्मों के पापों को धोती है।
अनुष्ठान और परंपराएं
सिर पर 7 आक (अकौआ) पत्तियाँ रखकर प्रातःकाल अनुष्ठान स्नान। उगते सूर्य को अर्घ्य दें। लाल फूल, लाल चंदन और गेहूँ से सूर्य पूजा करें। आदित्य हृदयम पढ़ें। व्रत रखें। पूर्व दिशा में दीपक जलाएं। तिल और गुड़ दान करें।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.रथ सप्तमी क्या है?
रथ सप्तमी (सूर्य जयंती) माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को होती है और सूर्य देवता की उत्तरायण यात्रा का उत्सव है, जब सूर्य अपने सात घोड़ों वाले रथ — सात रंगों और सप्ताह के सात दिनों का प्रतीक — को उत्तरी गोलार्ध की ओर मोड़ते हैं। यह सूर्य का जन्मदिन ...
प्र.रथ सप्तमी का क्या महत्व है?
सूर्य जयंती — सूर्य देवता का जन्मदिन। यह दिन उत्तरायण के चरमोत्कर्ष और सूर्य की पूर्ण तेजस्विता का प्रतीक है। इस दिन सूर्य पूजा रोगों को ठीक करती है, दीर्घायु देती है और सात जन्मों के पापों को धोती है।
प्र.रथ सप्तमी के अनुष्ठान क्या हैं?
सिर पर 7 आक (अकौआ) पत्तियाँ रखकर प्रातःकाल अनुष्ठान स्नान। उगते सूर्य को अर्घ्य दें। लाल फूल, लाल चंदन और गेहूँ से सूर्य पूजा करें। आदित्य हृदयम पढ़ें। व्रत रखें। पूर्व दिशा में दीपक जलाएं। तिल और गुड़ दान करें।
प्र.रथ सप्तमी में कौन से व्यंजन बनते हैं?
पोंगल (मीठे चावल), चक्र पोंगली, तिल चावल, गुड़ चिक्की, फल