प्रमुख त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
हनुमान जयंती
संक्षिप्त परिचय
हनुमान जयंती भगवान हनुमान — राम के दिव्य भक्त, शक्ति, भक्ति और निःस्वार्थ सेवा के प्रतीक — की जन्म वर्षगाँठ मनाती है। अलग-अलग क्षेत्र अलग-अलग तिथियों पर मनाते हैं (अधिकांश उत्तर भारतीय राज्यों में चैत्र पूर्णिमा, महाराष्ट्र और आंध्र में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी)।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
रामायण के सबसे प्रिय देवता का जन्मदिन मनाता है। हनुमान परम भक्त का प्रतीक हैं — पूर्णतः समर्पित, अनंत शक्तिशाली, सदा उपस्थित।
अनुष्ठान और परंपराएं
सुबह हनुमान मंदिर जाएं। हनुमान को सिंदूर चढ़ाएं और माथे पर लगाएं। हनुमान चालीसा 108 बार पढ़ें। सुंदरकांड पढ़ें। तेल का दीपक और केला प्रसाद चढ़ाएं। बाधाओं पर बजरंग बाण जपें।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.हनुमान जयंती क्या है?
हनुमान जयंती भगवान हनुमान — राम के दिव्य भक्त, शक्ति, भक्ति और निःस्वार्थ सेवा के प्रतीक — की जन्म वर्षगाँठ मनाती है। अलग-अलग क्षेत्र अलग-अलग तिथियों पर मनाते हैं (अधिकांश उत्तर भारतीय राज्यों में चैत्र पूर्णिमा, महाराष्ट्र और आंध्र में कार्तिक कृष्ण...
प्र.हनुमान जयंती का क्या महत्व है?
रामायण के सबसे प्रिय देवता का जन्मदिन मनाता है। हनुमान परम भक्त का प्रतीक हैं — पूर्णतः समर्पित, अनंत शक्तिशाली, सदा उपस्थित।
प्र.हनुमान जयंती के अनुष्ठान क्या हैं?
सुबह हनुमान मंदिर जाएं। हनुमान को सिंदूर चढ़ाएं और माथे पर लगाएं। हनुमान चालीसा 108 बार पढ़ें। सुंदरकांड पढ़ें। तेल का दीपक और केला प्रसाद चढ़ाएं। बाधाओं पर बजरंग बाण जपें।
प्र.हनुमान जयंती में कौन से व्यंजन बनते हैं?
केला प्रसाद, लड्डू, बेसन लड्डू, पंचायत प्रसाद