प्रमुख त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव
गंगा दशहरा
संक्षिप्त परिचय
गंगा दशहरा पवित्र नदी गंगा के स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण का उत्सव है। पुराणों के अनुसार, राजा भगीरथ ने अपने 60,000 पूर्वजों की मुक्ति के लिए हजारों वर्षों की तपस्या की। ब्रह्मा ने गंगा को कमंडल से छोड़ा और शिव ने उन्हें जटाओं में धारण किया। इस दिन गंगा स्नान दस प्रकार के पापों को नष्ट करता है।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
महत्व
गंगा दशहरा गंगा अवतरण का उत्सव है। इस दशमी तिथि पर गंगा स्नान दस प्रकार के पापों को नष्ट करता है। गंगा को मोक्षदायिनी माना जाता है।
अनुष्ठान और परंपराएं
सूर्योदय पर गंगा में स्नान करें। नदी को गंगाजल, फूल और दीप अर्पित करें। दश दान करें — तिल, गुड़, वस्त्र, जूते, घी आदि। गंगा स्तोत्र का पाठ करें। पत्ते की नाव पर 10 दीपक प्रवाहित करें।
पारंपरिक व्यंजन
सामान्य प्रश्न
प्र.गंगा दशहरा क्या है?
गंगा दशहरा पवित्र नदी गंगा के स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण का उत्सव है। पुराणों के अनुसार, राजा भगीरथ ने अपने 60,000 पूर्वजों की मुक्ति के लिए हजारों वर्षों की तपस्या की। ब्रह्मा ने गंगा को कमंडल से छोड़ा और शिव ने उन्हें जटाओं में धारण किया। इस दिन गंग...
प्र.गंगा दशहरा का क्या महत्व है?
गंगा दशहरा गंगा अवतरण का उत्सव है। इस दशमी तिथि पर गंगा स्नान दस प्रकार के पापों को नष्ट करता है। गंगा को मोक्षदायिनी माना जाता है।
प्र.गंगा दशहरा के अनुष्ठान क्या हैं?
सूर्योदय पर गंगा में स्नान करें। नदी को गंगाजल, फूल और दीप अर्पित करें। दश दान करें — तिल, गुड़, वस्त्र, जूते, घी आदि। गंगा स्तोत्र का पाठ करें। पत्ते की नाव पर 10 दीपक प्रवाहित करें।
प्र.गंगा दशहरा में कौन से व्यंजन बनते हैं?
सत्तू शरबत, आम, खीर, पूरी सब्जी, पंचामृत