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प्रमुख त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव

चैत्र नवरात्रि

देवता माँ दुर्गा (नौ स्वरूप), भगवान राम
माह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी (मार्च/अप्रैल)
क्षेत्र पूरे भारत में (विशेषकर उत्तर भारत; दक्षिण भारत में उसी दिन उगादि)

संक्षिप्त परिचय

चैत्र नवरात्रि वसंत नवरात्रि है, जो हिंदू माह चैत्र (मार्च/अप्रैल) में मनाई जाती है। यह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर शुरू होती है — जो हिंदू नव वर्ष (उगादि/गुड़ी पड़वा) भी है — और नवमी को राम नवमी (भगवान राम का जन्म) पर समाप्त होती है। इस नवरात्रि का दोहरा महत्व है: यह वसंत उत्सव के रूप में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित है और राम के जन्म के उत्सव के साथ समाप्त होकर शक्ति उपासना को वैष्णव परंपरा से जोड़ती है।

अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

महत्व

चैत्र नवरात्रि हिंदू नव वर्ष, वसंत की विजय और दिव्य स्त्री की नौ शक्तियों की उपासना का प्रतीक है। राम नवमी पर इसकी परिणति इसे अद्वितीय महत्व देती है — एक ही पवित्र नौ-दिवसीय अवधि में शक्ति और विष्णु के अवतार दोनों का सम्मान।

अनुष्ठान और परंपराएं

प्रतिपदा पर घट स्थापना। नौ दिन उपवास और प्रतिदिन दुर्गा पूजा — नौ स्वरूपों की उपासना। दुर्गा सप्तशती पाठ। अष्टमी पर कन्या पूजा। नवमी पर राम नवमी उत्सव: व्रत, रामचरितमानस पाठ, दोपहर जन्मोत्सव, राम-सीता-लक्ष्मण-हनुमान की शोभायात्रा।

पारंपरिक व्यंजन

कुट्टू की पूरीसाबूदाना खिचड़ीसिंघाड़े का हलवापंचामृतफलमखाना

सामान्य प्रश्न

प्र.चैत्र नवरात्रि क्या है?

चैत्र नवरात्रि वसंत नवरात्रि है, जो हिंदू माह चैत्र (मार्च/अप्रैल) में मनाई जाती है। यह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर शुरू होती है — जो हिंदू नव वर्ष (उगादि/गुड़ी पड़वा) भी है — और नवमी को राम नवमी (भगवान राम का जन्म) पर समाप्त होती है। इस नवरात्रि का दोहर...

प्र.चैत्र नवरात्रि का क्या महत्व है?

चैत्र नवरात्रि हिंदू नव वर्ष, वसंत की विजय और दिव्य स्त्री की नौ शक्तियों की उपासना का प्रतीक है। राम नवमी पर इसकी परिणति इसे अद्वितीय महत्व देती है — एक ही पवित्र नौ-दिवसीय अवधि में शक्ति और विष्णु के अवतार दोनों का सम्मान।

प्र.चैत्र नवरात्रि के अनुष्ठान क्या हैं?

प्रतिपदा पर घट स्थापना। नौ दिन उपवास और प्रतिदिन दुर्गा पूजा — नौ स्वरूपों की उपासना। दुर्गा सप्तशती पाठ। अष्टमी पर कन्या पूजा। नवमी पर राम नवमी उत्सव: व्रत, रामचरितमानस पाठ, दोपहर जन्मोत्सव, राम-सीता-लक्ष्मण-हनुमान की शोभायात्रा।

प्र.चैत्र नवरात्रि में कौन से व्यंजन बनते हैं?

कुट्टू की पूरी, साबूदाना खिचड़ी, सिंघाड़े का हलवा, पंचामृत, फल, मखाना

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