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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

प्रमुख त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव

अक्षय तृतीया

देवता भगवान विष्णु (परशुराम अवतार), माँ लक्ष्मी
माह वैशाख शुक्ल तृतीया (अप्रैल/मई)
क्षेत्र पूरे भारत में

संक्षिप्त परिचय

अक्षय तृतीया (अखा तीज) हिंदू पंचांग के चार सबसे शुभ दिनों (अबुझ मुहूर्त) में से एक है — इतना शुभ दिन कि नए उद्यम, विवाह या खरीदारी के लिए अलग मुहूर्त निकालने की जरूरत नहीं। "अक्षय" का अर्थ है अविनाशी या सदा बढ़ने वाला, और इस दिन शुरू या दान की गई कोई भी चीज अक्षय फल देती है। यह भगवान परशुराम (विष्णु के छठे अवतार) का जन्मदिन और त्रेता युग के आरंभ का दिन भी है।

अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

महत्व

पूरे हिंदू पंचांग में केवल चार स्वयंसिद्ध शुभ दिनों (अबुझ मुहूर्त) में से एक — कोई मुहूर्त गणना की आवश्यकता नहीं। इस दिन किए गए दान, सोने की खरीदारी, नए उद्यम और विवाह अक्षय, सदा बढ़ने वाला पुण्य देते हैं।

अनुष्ठान और परंपराएं

सोने या चाँदी के आभूषण खरीदें (सबसे शुभ माना जाता है)। विष्णु पूजा और लक्ष्मी पूजा करें। जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और धन दान करें। नए व्यवसाय या उद्यम शुरू करें। विवाह और सगाई करें। विष्णु सहस्रनाम पढ़ें। विष्णु को तुलसी चढ़ाएं।

पारंपरिक व्यंजन

सत्तू (भुने चने का आटा)चना दालकच्चे आम का पेयखीरपंचामृत

सामान्य प्रश्न

प्र.अक्षय तृतीया क्या है?

अक्षय तृतीया (अखा तीज) हिंदू पंचांग के चार सबसे शुभ दिनों (अबुझ मुहूर्त) में से एक है — इतना शुभ दिन कि नए उद्यम, विवाह या खरीदारी के लिए अलग मुहूर्त निकालने की जरूरत नहीं। "अक्षय" का अर्थ है अविनाशी या सदा बढ़ने वाला, और इस दिन शुरू या दान की गई कोई...

प्र.अक्षय तृतीया का क्या महत्व है?

पूरे हिंदू पंचांग में केवल चार स्वयंसिद्ध शुभ दिनों (अबुझ मुहूर्त) में से एक — कोई मुहूर्त गणना की आवश्यकता नहीं। इस दिन किए गए दान, सोने की खरीदारी, नए उद्यम और विवाह अक्षय, सदा बढ़ने वाला पुण्य देते हैं।

प्र.अक्षय तृतीया के अनुष्ठान क्या हैं?

सोने या चाँदी के आभूषण खरीदें (सबसे शुभ माना जाता है)। विष्णु पूजा और लक्ष्मी पूजा करें। जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और धन दान करें। नए व्यवसाय या उद्यम शुरू करें। विवाह और सगाई करें। विष्णु सहस्रनाम पढ़ें। विष्णु को तुलसी चढ़ाएं।

प्र.अक्षय तृतीया में कौन से व्यंजन बनते हैं?

सत्तू (भुने चने का आटा), चना दाल, कच्चे आम का पेय, खीर, पंचामृत

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