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चंद्र ग्रहण, वैदिक ज्योतिष

चंद्र ग्रहण 2026

2026 में चंद्र ग्रहण की तारीख, IST समय, भारत में दृश्यता, सूतक नियम और सभी 12 राशियों पर वैदिक ज्योतिष प्रभाव की संपूर्ण जानकारी।

अंतिम अपडेट: 20 मई 2026 · स्रोत: वैदिक पंचांग

पूर्ण चंद्र ग्रहण, 3 मार्च 2026

3 मार्च 2026 का पूर्ण चंद्र ग्रहण कन्या–मीन अक्ष पर होता है। चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है। भारत में दृश्य यह शक्तिशाली ग्रहण स्वास्थ्य, सेवा, दैनिक कार्य (कन्या) और आध्यात्मिक समर्पण, विदेश (मीन) के विषयों को सक्रिय करता है।

तारीख

3 मार्च 2026

समय (IST)

UTC 22:35–00:25 (IST 04:05–05:55, March 4)

प्रकार

पूर्ण

चंद्र राशि

कन्या

नक्षत्र

Uttara Phalguni

अवधि

1 hour 50 minutes (totality)

दृश्यता

भारत सहित पूरे एशिया, यूरोप, अफ्रीका और पूर्वी दक्षिण अमेरिका में दृश्य। भारत से पूर्ण खग्रास दृश्य।

वैदिक महत्व

उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में कन्या राशि का यह पूर्ण चंद्र ग्रहण कन्या–मीन राहु-केतु अक्ष पर पड़ता है। कन्या-मीन ध्रुवता 6वें–12वें भाव के विषयों, स्वास्थ्य बनाम अध्यात्म, सेवा बनाम मोक्ष, को नियंत्रित करती है। इस ग्रहण के बाद 6 माह कन्या और मीन जातकों के लिए दैनिक दिनचर्या, उपचार और साधना में रूपांतरण लाते हैं।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

करें

  • चंद्र मंत्र "ॐ चंद्रमसे नमः" या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें
  • कन्या की छाया, पूर्णतावाद और अति-विश्लेषण, को छोड़ने का ध्यान करें
  • ग्रहण से पहले उपवास रखें; खग्रास समाप्त होने के बाद स्नान करें
  • दवाइयां, अनाज या स्वास्थ्य संबंधी वस्तुओं का दान करें
  • बेहतर स्वास्थ्य दिनचर्या और आध्यात्मिक साधना के लिए संकल्प लें
  • ग्रहण के बाद अगरबत्ती या कपूर से घर और कार्यस्थल शुद्ध करें

न करें

  • ग्रहण काल में नई स्वास्थ्य चिकित्सा या शल्य-चिकित्सा शुरू न करें
  • कार्य अनुबंध पर हस्ताक्षर या नई सेवा परियोजना शुरू न करें
  • खग्रास के दौरान भोजन न करें
  • गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दौरान घर के अंदर रहें
  • पूर्णतावादी आलोचना और छोटे विवादों से बचें
  • ग्रहण काल में नई दवाइयां या आहार नियम शुरू न करें

सभी 12 राशियों पर प्रभाव

मेष राशि के 6वें भाव में, स्वास्थ्य दिनचर्या और कार्य परिवेश रूपांतरित।

वृष राशि के 5वें भाव में, रचनात्मकता और प्रेम प्रमुख। एक रचनात्मक अध्याय पूर्ण।

मिथुन राशि के 4थे भाव में, घर और परिवार में रूपांतरण।

कर्क राशि के 3रे भाव में, संचार और भाई-बहन केंद्र में।

सिंह राशि के 2रे भाव में, वित्त और व्यक्तिगत मूल्य रूपांतरित।

कन्या राशि के 1ले भाव में, सबसे शक्तिशाली स्थान। पहचान और स्वास्थ्य में गहरा नवीनीकरण।

तुला राशि के 12वें भाव में, छिपे मामले और पुराना कर्म प्रकट।

वृश्चिक (Scorpio)

2026 ग्रहण गाइड →

वृश्चिक राशि के 11वें भाव में, सामाजिक नेटवर्क और दीर्घकालीन लक्ष्य रूपांतरित।

धनु राशि के 10वें भाव में, करियर और सार्वजनिक प्रतिष्ठा में बड़े बदलाव।

मकर राशि के 9वें भाव में, आस्थाएं और आध्यात्मिक गुरु परिवर्तित।

कुंभ राशि के 8वें भाव में, साझा वित्त और परिवर्तन मामले सक्रिय।

मीन राशि के 7वें भाव में, साझेदारी और विवाह निर्णायक मोड़ पर।

आंशिक चंद्र ग्रहण, 28 अगस्त 2026

28 अगस्त 2026 का आंशिक चंद्र ग्रहण सिंह–कुंभ अक्ष पर, चंद्रमा सिंह राशि में होता है। यह ग्रहण आत्म-अभिव्यक्ति, नेतृत्व, रचनात्मकता (सिंह) बनाम समुदाय, तकनीक और सामूहिक आदर्शों (कुंभ) के विषयों को सक्रिय करता है।

तारीख

28 अगस्त 2026

समय (IST)

UTC 02:29–06:18 (IST 08:00–11:48)

प्रकार

आंशिक

चंद्र राशि

सिंह

नक्षत्र

Purva Phalguni

अवधि

3 hours 49 minutes (partial phase)

दृश्यता

यूरोप, अफ्रीका, पश्चिमी एशिया और दक्षिण अमेरिका में दृश्य। पश्चिमी भारत में चंद्रास्त के समय आंशिक दृश्य।

वैदिक महत्व

सिंह राशि में पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र (शुक्र शासित) में आंशिक चंद्र ग्रहण। पूर्व फाल्गुनी आनंद, रचनात्मकता और विश्राम, शुक्र-शासित विषय, ग्रहण दबाव में हैं। सिंह–कुंभ अक्ष 5वें–11वें भाव के विषय नियंत्रित करता है: प्रेम-रचना बनाम सामाजिक लक्ष्य।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

करें

  • सूर्य–चंद्र संतुलन के लिए सूर्य मंत्र और चंद्र मंत्र का जाप करें
  • प्रामाणिक आत्म-अभिव्यक्ति और अहंकार आसक्ति छोड़ने का ध्यान करें
  • ग्रहण के दौरान हल्का उपवास रखें; आंशिक चरण समाप्त होने के बाद स्नान करें
  • सोने के रंग की वस्तुएं, गेहूं या सूर्य से संबंधित वस्तुओं का दान करें
  • ग्रहण के बाद रचनात्मक परियोजनाओं और कलात्मक गतिविधियों में समय लगाएं
  • नेतृत्व भूमिकाओं और रचनात्मक पहचान के लिए संकल्प लें

न करें

  • ग्रहण के दौरान नए प्रेम संबंध या रचनात्मक उद्यम शुरू न करें
  • ग्रहण काल में अहंकार या गर्व का प्रदर्शन न करें
  • नए सट्टा निवेश या शेयर बाजार गतिविधि शुरू न करें
  • ग्रहण के दौरान भावनात्मक बातचीत टालें, बाद तक प्रतीक्षा करें
  • ग्रहण काल में बच्चों या शिक्षा संबंधी निर्णय न लें
  • ग्रहण के दौरान मनोरंजन या प्रदर्शन परियोजनाएं शुरू न करें

सभी 12 राशियों पर प्रभाव

मेष राशि के 5वें भाव में, प्रेम, रचनात्मकता और संतान पर ध्यान। एक रोमांटिक या रचनात्मक अध्याय निर्णायक मोड़ पर।

वृष राशि के 4थे भाव में, घर और पारिवारिक जीवन रूपांतरित।

मिथुन राशि के 3रे भाव में, संचार और भाई-बहन संबंध पूर्ण होते हैं।

कर्क राशि के 2रे भाव में, वित्त और व्यक्तिगत मूल्य ग्रहण दबाव में।

सिंह राशि के 1ले भाव में, सबसे शक्तिशाली स्थान। पहचान और आत्म-अभिव्यक्ति में गहरा रूपांतरण।

कन्या राशि के 12वें भाव में, छिपे मामले और आध्यात्मिक साधना निर्णायक मोड़ पर।

तुला राशि के 11वें भाव में, सामाजिक नेटवर्क और दीर्घकालीन लक्ष्य रूपांतरित।

वृश्चिक (Scorpio)

2026 ग्रहण गाइड →

वृश्चिक राशि के 10वें भाव में, करियर और महत्वाकांक्षाएं बड़े रूपांतरण में।

धनु राशि के 9वें भाव में, आस्थाएं और दूरस्थ संबंध बदलते हैं।

मकर राशि के 8वें भाव में, गहरा रूपांतरण और साझा संसाधन सक्रिय।

कुंभ राशि के 7वें भाव में, साझेदारी और प्रमुख संबंध निर्णायक ग्रहण ऊर्जा में।

मीन राशि के 6वें भाव में, स्वास्थ्य दिनचर्या और सेवा भूमिकाएं रूपांतरित।

FAQ, चंद्र ग्रहण 2026

प्र.2026 में चंद्र ग्रहण कब है?

2026 में 2 चंद्र ग्रहण हैं: 3 मार्च 2026 और 28 अगस्त 2026।

प्र.चंद्र ग्रहण नंगी आंखों से देख सकते हैं?

हां, चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है। सूर्य ग्रहण के विपरीत, चंद्र ग्रहण देखने के लिए किसी सुरक्षात्मक चश्मे की जरूरत नहीं।

प्र.चंद्र ग्रहण में क्या खाएं?

वैदिक परंपरा के अनुसार ग्रहण के दौरान उपवास रखें। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके ताजा भोजन करें।

प्र.सूतक काल क्या है?

चंद्र ग्रहण में सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू होता है। इस दौरान भोजन बनाना और खाना, तथा शुभ कार्य वर्जित हैं।