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चंद्र ग्रहण — वैदिक ज्योतिष

चंद्र ग्रहण 2025

2025 में चंद्र ग्रहण की तारीख, IST समय, भारत में दृश्यता, सूतक नियम और सभी 12 राशियों पर वैदिक ज्योतिष प्रभाव की संपूर्ण जानकारी।

अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक पंचांग

पूर्ण चंद्र ग्रहण — 13–14 मार्च 2025

13–14 मार्च 2025 का पूर्ण चंद्र ग्रहण (ब्लड मून) कन्या राशि में उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में होता है। चंद्रमा पृथ्वी की छाया से पूरी तरह गुजरने पर गहरे लाल रंग का हो जाता है। वैदिक ज्योतिष में यह कन्या राशि का चंद्र ग्रहण अगले 6 महीनों के लिए स्वास्थ्य, सेवा और विश्लेषण के 6वें भाव के विषयों को सक्रिय करता है।

तारीख

13–14 मार्च 2025

समय (IST)

UTC 03:58–08:00 (IST 09:28–13:30)

प्रकार

पूर्ण

चंद्र राशि

कन्या

नक्षत्र

Uttara Phalguni

अवधि

65 minutes of totality

दृश्यता

अमेरिका, पश्चिमी यूरोप और पश्चिमी अफ्रीका में पूर्ण दृश्य। भारत में दृश्य नहीं।

वैदिक महत्व

कन्या राशि में पूर्ण चंद्र ग्रहण (उत्तर फाल्गुनी, सूर्य-शासित)। मीन-कन्या अक्ष सक्रिय — उपचार, सेवा और बलिदान बनाम आध्यात्मिक विघटन का अक्ष। इस ग्रहण के बाद 6 महीने स्वास्थ्य जागरूकता, दैनिक सेवा कार्य में बदलाव और कन्या (1ला भाव) व मीन (7वाँ भाव) जातकों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लाते हैं।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

करें

  • चंद्र मंत्र जाप करें — "ॐ चंद्रमसे नमः"
  • भावनात्मक मुक्ति और त्याग पर ध्यान करें
  • ग्रहण काल में उपवास या हल्का भोजन करें
  • सफेद वस्तुएं दान करें — चावल, दूध, सफेद कपड़ा, चांदी
  • ग्रहण से पहले और बाद में स्नान करें
  • प्रार्थना और चिंतन में समय बिताएं

न करें

  • ग्रहण के दौरान भोजन से बचें (चंद्र ग्रहण सूतक 9 घंटे पहले शुरू होता है)
  • ग्रहण के दौरान नया कार्य शुरू न करें या समझौते पर हस्ताक्षर न करें
  • तर्क-वितर्क और नकारात्मक भावनात्मक अवस्था से बचें
  • ग्रहण के प्रकाश में रखा भोजन न पकाएं और न खाएं
  • गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दौरान घर के अंदर रहें
  • ग्रहण विंडो के दौरान अपरिवर्तनीय निर्णय लेने से बचें

सभी 12 राशियों पर प्रभाव

मेष राशि के 6वें भाव को सक्रिय करता है। स्वास्थ्य और दैनिक कार्य उजागर होते हैं।

वृष राशि के 5वें भाव में ग्रहण — रचनात्मक समापन और प्रेम के निर्णायक मोड़ आते हैं।

मिथुन राशि के 4थे भाव में — घर और परिवार पर ग्रहण का प्रभाव। पारिवारिक गतिशीलता बदलती है।

कर्क राशि के 3रे भाव को उजागर करता है। संचार और भाई-बहन के मामले सामने आते हैं।

सिंह राशि के 2रे भाव में — वित्तीय चक्र निर्णायक मोड़ पर। आय स्रोत बदलते हैं।

कन्या राशि के 1ले भाव में — व्यक्तिगत पहचान और स्वास्थ्य पर ग्रहण का प्रकाश।

तुला राशि के 12वें भाव को सक्रिय करता है। एक जीवन अध्याय समाप्त होता है।

वृश्चिक (Scorpio)

2025 ग्रहण गाइड →

वृश्चिक राशि के 11वें भाव में — मित्रता बदलती है, दीर्घकालीन लक्ष्य पूरे होते हैं।

धनु राशि के 10वें भाव में — करियर मामले चरमसीमा पर। पेशेवर दिशा स्पष्ट होती है।

मकर राशि के 9वें भाव को सक्रिय करता है। मान्यताओं और उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव।

कुंभ राशि के 8वें भाव में — रूपांतरण, विरासत और मनोवैज्ञानिक गहराई उजागर।

मीन राशि के 7वें भाव पर — प्रमुख संबंध निर्णायक मोड़ पर। विवाह ग्रहण के प्रकाश में।

पूर्ण चंद्र ग्रहण — 7–8 सितंबर 2025

7–8 सितंबर 2025 का पूर्ण चंद्र ग्रहण (ब्लड मून) भारत और पूरे एशिया में दृश्य है। चंद्रमा मीन राशि में पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में 82 मिनट के लिए पूर्णतः ग्रहणग्रस्त है — जो बृहस्पति द्वारा शासित है। यह भारत के लिए 2025 के दो चंद्र ग्रहणों में से अधिक शक्तिशाली है।

तारीख

7–8 सितंबर 2025

समय (IST)

UTC 17:30–21:56 (IST 23:00–03:26+1)

प्रकार

पूर्ण

चंद्र राशि

मीन

नक्षत्र

Purva Bhadrapada

अवधि

82 minutes of totality

दृश्यता

यूरोप, अफ्रीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया में दृश्य। भारत में दृश्य — अधिकतम ग्रहण लगभग 01:00 IST।

वैदिक महत्व

मीन राशि में पूर्ण चंद्र ग्रहण (पूर्व भाद्रपद, बृहस्पति-शासित)। भारत में दृश्य — इसके प्रभाव सीधे महसूस होते हैं। मीन ग्रहण के विषय: आध्यात्मिकता, स्वप्न, विदेशी मामले और मुक्ति। मीन में राहु इस ग्रहण के साथ युति करके कर्मिक तीव्रता बढ़ाता है। ध्यान, योग और आध्यात्मिक दीक्षा के लिए अत्यंत शक्तिशाली।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

करें

  • विस्तारित चंद्र मंत्र जाप करें — ग्रहण दृश्य होने से विशेष रूप से प्रभावी
  • पूर्ण ग्रहण के दौरान गहरा ध्यान करें (01:00–02:22 IST)
  • ग्रहण से 9 घंटे पहले उपवास (सूतक लगभग 16:00 IST 7 सितंबर से)
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद चांदी, सफेद कपड़ा, चावल या दूध दान करें
  • ग्रहण समाप्त होते ही स्नान करें (लगभग 03:30 IST)
  • पूर्ण ग्रहण के दौरान शक्तिशाली आध्यात्मिक संकल्प लें — यह क्षण विशेष शक्तिशाली है

न करें

  • सूतक काल में भोजन न करें (लगभग 16:00 IST 7 सितंबर से ग्रहण समाप्ति तक)
  • पूर्ण ग्रहण के दौरान न सोएं — ग्रहण ऊर्जा तीव्र और सक्रिय है
  • ग्रहण के दौरान नई प्रतिबद्धताएं और बड़े निर्णय न लें
  • भोजन, पानी या तुलसी को ग्रहण के प्रकाश में न रखें
  • गर्भवती महिलाएं पूरे ग्रहण के दौरान घर के अंदर रहें
  • ग्रहण काल में नकारात्मक वाणी, गपशप और विवाद से बचें

सभी 12 राशियों पर प्रभाव

मेष राशि के 12वें भाव में — आध्यात्मिक अध्याय शुरू होता है। पुराना कर्म मुक्त होता है।

वृष राशि के 11वें भाव में — सामाजिक नेटवर्क नाटकीय रूप से बदलते हैं।

मिथुन राशि के 10वें भाव में — करियर निर्णायक मोड़ पर। पेशेवर महत्वाकांक्षाएं स्पष्ट होती हैं।

कर्क राशि के 9वें भाव में — मान्यताएं और गुरु रूपांतरित। तीर्थयात्रा प्रबल रूप से संकेतित।

सिंह राशि के 8वें भाव में — गहरा मनोवैज्ञानिक रूपांतरण और विरासत मामले।

कन्या राशि के 7वें भाव में — प्रमुख साझेदारी और विवाह निर्णायक मोड़ पर।

तुला राशि के 6वें भाव में — स्वास्थ्य और दैनिक कार्य रूपांतरित।

वृश्चिक (Scorpio)

2025 ग्रहण गाइड →

वृश्चिक राशि के 5वें भाव में — प्रेम, रचनात्मकता और संतान उजागर।

धनु राशि के 4थे भाव में — घर और परिवार ग्रहण के केंद्र में।

मकर राशि के 3रे भाव में — संचार और भाई-बहन रूपांतरित।

कुंभ राशि के 2रे भाव में — वित्तीय आधार पुनर्व्यवस्थित।

मीन राशि के 1ले भाव में — सबसे शक्तिशाली स्थान। पहचान और जीवन दिशा का गहरा नवीनीकरण।

FAQ — चंद्र ग्रहण 2025

प्र.2025 में चंद्र ग्रहण कब है?

2025 में 2 चंद्र ग्रहण हैं: 13–14 मार्च 2025 और 7–8 सितंबर 2025।

प्र.चंद्र ग्रहण नंगी आंखों से देख सकते हैं?

हां, चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है। सूर्य ग्रहण के विपरीत, चंद्र ग्रहण देखने के लिए किसी सुरक्षात्मक चश्मे की जरूरत नहीं।

प्र.चंद्र ग्रहण में क्या खाएं?

वैदिक परंपरा के अनुसार ग्रहण के दौरान उपवास रखें। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके ताजा भोजन करें।

प्र.सूतक काल क्या है?

चंद्र ग्रहण में सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू होता है। इस दौरान भोजन बनाना और खाना, तथा शुभ कार्य वर्जित हैं।