वास्तु विंड चाइम्स — दिशा, सामग्री, छड़ों की संख्या और स्थापना नियम
संक्षिप्त उत्तर
धातु विंड चाइम उत्तर-पश्चिम में भाग्य और यात्रा के लिए। खोखला बांस विंड चाइम पूर्व में स्वास्थ्य के लिए। शयनकक्ष में न रखें। 6 या 8 धातु की छड़ें शुभ।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वास्तु शास्त्र परंपरा
विंड चाइम्स शक्तिशाली वास्तु उपकरण हैं जो रुकी ऊर्जा को सक्रिय करते हैं।
धातु विंड चाइम्स — उत्तर-पश्चिम
वायु क्षेत्र और सहायक लोगों का क्षेत्र। यात्रा, भाग्य और अवसरों को सक्रिय करता है। 6 या 8 छड़ें शुभ।
बांस विंड चाइम्स — पूर्व
काष्ठ तत्व और सूर्य ऊर्जा। स्वास्थ्य और नई शुरुआत।
स्थापना नियम
शयनकक्ष में कभी नहीं। दक्षिण में नहीं। ब्रह्मस्थान में नहीं।
मुख्य वास्तु टिप्स
- ✓धातु विंड चाइम उत्तर-पश्चिम में भाग्य और अवसरों के लिए
- ✓खोखला बांस विंड चाइम पूर्व में स्वास्थ्य के लिए
- ✓6 या 8 धातु छड़ें शुभ
- ✓विंड चाइम जहां हिल सकें और ध्वनि कर सकें वहां लगाएं
- ✓शयनकक्ष में कभी नहीं
FAQ — वास्तु विंड चाइम्स — धातु, बांस और स्थापना गाइड
प्र.वास्तु में विंड चाइम्स कहां लगाने चाहिए?
धातु विंड चाइम उत्तर-पश्चिम में। बांस विंड चाइम पूर्व में।
प्र.वास्तु विंड चाइम में कितनी छड़ें होनी चाहिए?
6 छड़ें (सद्भाव) या 8 छड़ें (प्रचुरता) सबसे शुभ।
प्र.विंड चाइम्स के लिए कौन सी सामग्री सर्वोत्तम है?
उत्तर-पश्चिम के लिए धातु (तांबा/पीतल)। पूर्व के लिए बांस। दक्षिण-पश्चिम के लिए मिट्टी।