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वेलकम मैट वास्तु: सही रंग, सामग्री और प्लेसमेंट

संक्षिप्त उत्तर

वेलकम मैट प्राकृतिक सामग्री (जूट, नारियल रेशा या कपास) का होना चाहिए, प्रवेश दिशा से मेल खाते रंग में, और हमेशा साफ और अखंड होना चाहिए।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वास्तु शास्त्र परंपरा

## वेलकम मैट वास्तु

वेलकम मैट पहली वस्तु है जिसे आगंतुक के पैर घर में प्रवेश करते समय स्पर्श करते हैं। वास्तु में यह ऊर्जा फ़िल्टर का काम करता है।

### सर्वोत्तम सामग्री

- **जूट**: प्राकृतिक, ग्राउंडिंग — उत्कृष्ट ऊर्जा फ़िल्टर। - **नारियल रेशा (कॉयर)**: पारंपरिक भारतीय सामग्री। - **सिंथेटिक/प्लास्टिक मैट से बचें**।

### दिशा अनुसार रंग

- उत्तर: हरा, नीला - पूर्व: पीला, सोना - दक्षिण: लाल, मैरून - पश्चिम: सफ़ेद, भूरा

### रखरखाव — महत्वपूर्ण

- टूटने या घिसने पर **तुरंत बदलें**। - रोज़ झाड़ें, साप्ताहिक धोएँ।

मुख्य वास्तु टिप्स

  • प्राकृतिक सामग्री — जूट या नारियल रेशा सर्वोत्तम।
  • दिशा अनुसार रंग: उत्तर-हरा, पूर्व-पीला, दक्षिण-लाल।
  • टूटा या गंदा मैट कभी न रखें — तुरंत बदलें।
  • रोज़ झाड़ें।
  • मुख्य दरवाज़े के ठीक बाहर रखें।
  • ओम, स्वस्तिक या कमल के पैटर्न शुभ हैं।

FAQ — वेलकम मैट के लिए वास्तु: रंग, सामग्री और दिशा

प्र.उत्तर मुखी घर के लिए कौन-से रंग का वेलकम मैट सबसे अच्छा है?

हरा, टील या नीला।

प्र.क्या सिंथेटिक वेलकम मैट उपयोग कर सकते हैं?

वास्तु में सिंथेटिक मैट से मना किया जाता है — जूट या नारियल रेशा बेहतर है।

प्र.वेलकम मैट कितनी बार बदलना चाहिए?

टूटने या घिसने पर तुरंत। अच्छी तरह रखे मैट को 6-12 महीने में बदलें।

प्र.वेलकम मैट दरवाज़े के अंदर हो या बाहर?

मुख्य दरवाज़े के ठीक बाहर — यह प्रवेश से पहले ऊर्जा फ़िल्टर का काम करता है।

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