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मुख्य द्वार पर वास्तु स्वस्तिक: कैसे बनाएं, दिशा और लाभ

संक्षिप्त उत्तर

मुख्य प्रवेश द्वार पर कुमकुम या सिंदूर से लाल स्वस्तिक बनाएं, अंदर की ओर मुख। स्वस्तिक सबसे शक्तिशाली वास्तु सुरक्षा प्रतीकों में से एक है।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वास्तु शास्त्र परंपरा

## वास्तु स्वस्तिक

*स्थान:** मुख्य प्रवेश द्वार पर — दरवाजे पर या चौखट पर, आंखों के स्तर पर।

*दिशा:** अंदर की ओर मुख, दक्षिणावर्त (क्लॉकवाइज़) — शुभ हिंदू स्वस्तिक।

*सामग्री:** कुमकुम या सिंदूर (लाल) — सबसे शुभ। या धातु (पीतल, तांबा, चांदी)।

*नवीनीकरण:** दीपावली, नवरात्रि या अन्य शुभ अवसरों पर नया बनाएं।

मुख्य वास्तु टिप्स

  • कुमकुम या सिंदूर से लाल स्वस्तिक बनाएं
  • अंदर की ओर मुख, दक्षिणावर्त
  • आंखों के स्तर पर मुख्य द्वार पर
  • दीपावली पर नवीनीकरण जरूरी

FAQ — स्वस्तिक के लिए वास्तु — मुख्य द्वार पर लाल स्वस्तिक

प्र.स्वस्तिक कहाँ लगाना चाहिए?

मुख्य प्रवेश द्वार पर — दरवाजे पर या चौखट पर। पूजा कक्ष की उत्तर-पूर्व दीवार पर भी।

प्र.स्वस्तिक किस रंग का होना चाहिए?

लाल — कुमकुम या सिंदूर। धातु के लिए पीतल या तांबा।

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