वास्तु में घड़ी — दिशा, काम करने की स्थिति और स्थापना नियम
संक्षिप्त उत्तर
वास्तु में घड़ी उत्तर या पूर्व दीवार पर लगाएं। घड़ी हमेशा चलती रहनी चाहिए। टूटी या रुकी घड़ी तुरंत हटाएं। गोल या अंडाकार आकार बेहतर।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वास्तु शास्त्र परंपरा
घड़ियां घर में सबसे अधिक वास्तु-संवेदनशील वस्तुओं में से हैं — वे समय, गति और जीवन के आगे प्रवाह का प्रतिनिधित्व करती हैं।
घड़ी के लिए सर्वोत्तम दीवारें
उत्तर — प्रगति, करियर और वित्तीय प्रवाह। पूर्व — नई शुरुआत और आगे की गति। दक्षिण दीवार से बचें।
सबसे महत्वपूर्ण नियम: काम करने की स्थिति
रुकी या टूटी घड़ी सबसे आम वास्तु समस्या है। यह रुकी हुई ऊर्जा और अवरुद्ध प्रगति को दर्शाती है।
घड़ी के आकार
गोल घड़ी बेहतर — निरंतरता और चिकने समय प्रवाह का प्रतिनिधित्व।
मुख्य वास्तु टिप्स
- ✓घड़ी उत्तर या पूर्व दीवार पर लगाएं
- ✓घड़ी हमेशा काम करती रहनी चाहिए
- ✓टूटी या रुकी घड़ी तुरंत हटाएं
- ✓गोल या अंडाकार आकार बेहतर
- ✓दक्षिण दीवार पर घड़ी से बचें
FAQ — वास्तु में घड़ी — दीवार दिशा, आकार और टूटी घड़ी के नियम
प्र.घड़ी लगाने के लिए कौन सी दीवार सर्वोत्तम है?
उत्तर और पूर्व दीवारें सर्वोत्तम हैं। दक्षिण दीवार कम अनुशंसित है।
प्र.क्या घर में टूटी घड़ी रखना बुरा वास्तु है?
हां, टूटी या रुकी घड़ी रुकी हुई ऊर्जा दर्शाती है। तुरंत मरम्मत करें या हटाएं।
प्र.वास्तु के लिए कौन से आकार की घड़ी सर्वोत्तम है?
गोल घड़ी — यह निरंतरता और समय के प्रवाह का प्रतिनिधित्व करती है।