वास्तु में अशोक वृक्ष: लाभ, दिशा और स्थापना नियम
संक्षिप्त उत्तर
वास्तु में अशोक वृक्ष सबसे शुभ वृक्षों में से एक है। नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए इसे पूर्व या उत्तर-पूर्व में लगाएं।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वास्तु शास्त्र परंपरा
## वास्तु में अशोक वृक्ष
अशोक वृक्ष का अर्थ है "शोक हर्ता"। पूर्व या उत्तर-पूर्व में लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और समृद्धि आती है।
*स्थापना नियम:** दक्षिण-पश्चिम में कभी नहीं; मुख्य द्वार के ठीक सामने नहीं।
मुख्य वास्तु टिप्स
- ✓अशोक वृक्ष पूर्व या उत्तर-पूर्व में लगाएं
- ✓दक्षिण-पश्चिम में कभी न लगाएं
- ✓मुख्य द्वार के ठीक सामने न लगाएं
FAQ — अशोक वृक्ष वास्तु — शुभ दिशाएं और लाभ
प्र.क्या अशोक वृक्ष वास्तु में शुभ है?
हाँ, पूर्व या उत्तर-पूर्व में लगाने पर अत्यंत शुभ।
प्र.अशोक वृक्ष कहाँ लगाना चाहिए?
परिसर के पूर्व या उत्तर-पूर्व कोने में।