दक्षिण-पूर्व दिशा वास्तु, अग्नि कोण में महारत
संक्षिप्त उत्तर
दक्षिण-पूर्व अग्नि कोण है, अग्नि देव द्वारा शासित। रसोई और विद्युत उपकरण के लिए आदर्श। पानी, शयनकक्ष और पूजा कक्ष यहां न रखें।
अंतिम अपडेट: 21 मई 2026 · स्रोत: वास्तु शास्त्र परंपरा
दक्षिण-पूर्व अग्नि कोण है, वास्तु पुरुष मंडल का अग्नि कोना।
सर्वोत्तम स्थान
रसोई, विद्युत पैनल, जल ताप यंत्र।
महत्वपूर्ण परिहार
दक्षिण-पूर्व में पानी, सबसे गंभीर दोष। शयनकक्ष और पूजा कक्ष यहां न रखें।
मुख्य वास्तु टिप्स
- ✓दक्षिण-पूर्व रसोई के लिए आदर्श
- ✓दक्षिण-पूर्व में पानी कभी नहीं
- ✓शयनकक्ष न रखें
FAQ, दक्षिण-पूर्व दिशा वास्तु
प्र.वास्तु में अग्नि कोण क्या है?
किसी भी भूखंड, भवन या कमरे का दक्षिण-पूर्व कोना। अग्नि देव इस कोने के स्वामी हैं।
प्र.क्या दक्षिण-पूर्व प्रवेश द्वार खराब है?
मध्यम चुनौतीपूर्ण। गणेश प्रतिमा, पीले/नारंगी दरवाजे और अच्छी रोशनी से सुधारें।