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दक्षिण-पूर्व वास्तु दोष — अग्नि क्षेत्र असंतुलन की पहचान और समाधान
संक्षिप्त उत्तर
दक्षिण-पूर्व दोष तब होता है जब अग्नि क्षेत्र में पानी, भारी संग्रह या शयनकक्ष रखा जाता है। वित्तीय अस्थिरता, रसोई दुर्घटनाएं और उपाय।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · स्रोत: वास्तु शास्त्र परंपरा
दक्षिण-पूर्व अग्नि का क्षेत्र है। सही संतुलन में यह वित्तीय वृद्धि और स्वास्थ्य का समर्थन करता है।
सामान्य दोष
दक्षिण-पूर्व में पानी — सबसे गंभीर दोष। दक्षिण-पूर्व शयनकक्ष — बेचैनी और तनाव।
उपाय
पानी हटाना संभव न हो तो तांबे की कुंडली लगाएं। दक्षिण-पूर्व में लाल/नारंगी त्रिकोण चिह्न।
मुख्य वास्तु टिप्स
- ✓दक्षिण-पूर्व में पानी कभी नहीं
- ✓दक्षिण-पूर्व शयनकक्ष बेचैनी पैदा करता है
- ✓तांबे की कुंडली दोष कम करती है
FAQ — दक्षिण-पूर्व वास्तु दोष
प्र.दक्षिण-पूर्व वास्तु दोष के क्या प्रभाव हैं?
वित्तीय अस्थिरता, रसोई दुर्घटनाएं, महिला स्वास्थ्य समस्याएं और घरेलू विवाद।
प्र.दक्षिण-पूर्व में मास्टर बेडरूम कितना हानिकारक है?
नीले और क्रीम रंग योजना, तांबे की वायु चाइम और उत्कृष्ट वेंटिलेशन से प्रभाव कम होता है।