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खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIशुक्रवार, 22 मई 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
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ससुराल में परेशानी, ज्योतिष कारण और उपाय

ससुराल में परेशानी का प्रमुख ज्योतिष कारण बहू की कुंडली में द्वितीय भाव (कुटुंब/ससुराल) पर पाप ग्रहों का प्रभाव है। यदि द्वितीय भाव में शनि, राहु या मंगल हो, या द्वितीय भाव का स्वामी षष्ठ (शत्रु) में हो तो ससुराल में कठिनाइयाँ आती हैं। शनि की दशा में ससुराल पक्ष से संघर्ष बढ़ सकता है।

अंतिम अपडेट: 22 मई 2026 · वैदिक ज्योतिष शास्त्र पर आधारित

ज्योतिष कारण

1.द्वितीय भाव में मंगल, ससुराल में कटु वाणी और टकराव
2.द्वितीय भाव में राहु, ससुराल वालों से भ्रम और गलतफहमी
3.द्वितीय भाव का स्वामी षष्ठ में, ससुराल से शत्रुता का योग
4.शनि की महादशा या अंतरदशा, ससुराल में कठिन समय
5.षष्ठ भाव पर पाप ग्रह, जीवन में शत्रुओं और विरोधियों की वृद्धि

उपाय और समाधान

ससुराल में मान-सम्मान के लिए

  1. 1.बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करें, संबंधों में सुधार होता है
  2. 2."ॐ गं गणपतये नमः" का 108 बार जाप करें
  3. 3.ससुरालवालों के लिए छोटे-छोटे उपहार और सेवा के भाव रखें
  4. 4.शुक्रवार को माँ लक्ष्मी को मिष्ठान और कमल पुष्प चढ़ाएँ

द्वितीय भाव दोष निवारण

  1. 1.बुध को मजबूत करें, हरे रंग के वस्त्र, मूंग दाल का दान
  2. 2.शनिवार को पीपल में सरसों का तेल चढ़ाएँ
  3. 3."ॐ बुं बुधाय नमः" का बुधवार को 108 बार जाप करें
  4. 4.ससुराल में पहली बार जाने पर मंदिर अवश्य जाएँ

मंत्र

गणेश मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः

जाप: बुधवार 108 बार

बुध बीज मंत्र

ॐ बुं बुधाय नमः

जाप: बुधवार 108 बार

क्या करें / क्या न करें

क्या करें ✓

  • ·ससुराल में बड़ों के पाँव छूकर आशीर्वाद लें
  • ·घर के कामों में सहर्ष भाग लें
  • ·त्योहारों पर सबके लिए उपहार लाएँ

क्या न करें ✗

  • ·ससुराल वालों की बात परिवार के बाहर न करें
  • ·पति को सास-ससुर के खिलाफ न भड़काएँ
  • ·घर में पहले दिन से अपना अधिकार न जताएँ

सामान्य प्रश्न

प्र.ससुराल में प्रताड़ना का ज्योतिष कारण क्या है?

द्वितीय भाव में पाप ग्रह (मंगल/राहु/शनि), और षष्ठ भाव का बलवान होना ससुराल में प्रताड़ना के ज्योतिष संकेत हैं। शनि की दशा में ऐसी परिस्थितियाँ अधिक होती हैं।

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