वैदिक ज्योतिष · ग्रह उपाय
सास बहू कलह — ज्योतिष कारण और उपाय
सास-बहू कलह का प्रमुख ज्योतिष कारण कुंडली में चतुर्थ भाव (घर-परिवार) पर शनि, राहु या मंगल का प्रभाव है। बहू की कुंडली में द्वितीय भाव (ससुराल) और सप्तम भाव (विवाह) पर पाप ग्रहों का प्रभाव भी कलह बढ़ाता है। शुक्र की कमजोरी से पारिवारिक सद्भाव प्रभावित होता है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · वैदिक ज्योतिष शास्त्र पर आधारित
ज्योतिष कारण
उपाय और समाधान
शुक्रवार के उपाय (शुक्र ग्रह को मजबूत करें)
- 1.प्रत्येक शुक्रवार माँ लक्ष्मी को सफेद फूल, मिठाई और केसर का भोग चढ़ाएँ
- 2.घर की महिलाएँ मिलकर "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" का 108 बार जाप करें
- 3.सफेद या क्रीम रंग के वस्त्र शुक्रवार को धारण करें
- 4.घर में पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाएँ और प्रतिदिन जल चढ़ाएँ
शनि के उपाय (चतुर्थ भाव की पीड़ा कम करें)
- 1.प्रत्येक शनिवार पीपल के वृक्ष में जल और तिल-तेल चढ़ाएँ
- 2.शनि बीज मंत्र "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः" का 108 बार जाप करें
- 3.नीलम या नीले रंग की वस्तुएँ घर में न रखें यदि शनि की दशा चल रही हो
- 4.शनिवार को गरीबों को काले तिल, सरसों का तेल और उड़द दान करें
घर में शांति के लिए वास्तु उपाय
- 1.रसोई (किचन) नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) कोण में न हो — यह दिशा विवाद बढ़ाती है
- 2.घर के मुख्य द्वार पर नमक का पानी छिड़कें — नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
- 3.घर में हिंसा या युद्ध के चित्र न रखें; माँ-बेटे या प्रेमयुगल के सुखद चित्र लगाएँ
- 4.प्रत्येक शाम घी का दीया जलाएँ और "ॐ नमः शिवाय" का पाठ करें
सास-बहू दोनों के लिए एक साथ उपाय
- 1.दोनों मिलकर प्रत्येक शुक्रवार माँ दुर्गा की पूजा करें और भोग का प्रसाद एक साथ खाएँ
- 2.घर में एक साथ बैठकर नित्य गायत्री मंत्र का 21 बार पाठ करें
- 3.सास के दाहिने हाथ की नाड़ी देखें — यदि राहु काल में मुलाकात हो तो विवाद बढ़ता है
- 4.मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ घर के सभी सदस्य एक साथ करें
मंत्र
पारिवारिक शांति मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः
जाप: 108 बार प्रतिदिन
शुक्र बीज मंत्र
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
जाप: शुक्रवार को 108 बार
गणेश मंत्र (बाधा निवारण)
ॐ गं गणपतये नमः
जाप: प्रतिदिन 21 बार
क्या करें / क्या न करें
क्या करें ✓
- ·घर में सुबह-शाम धूप और दीप जलाएँ — वातावरण शुद्ध रहता है
- ·रसोई में खाना बनाते समय मन में भगवान का स्मरण करें
- ·एक-दूसरे के लिए छोटे-छोटे सम्मान के कार्य करें
- ·विवाद के समय मौन रहें और बाद में शांत मन से बात करें
- ·तीज-त्योहारों पर मिलकर पूजा करें
क्या न करें ✗
- ·सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू न लगाएँ — लक्ष्मी जी चली जाती हैं
- ·रात को घर में जोर-जोर से विवाद न करें — नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है
- ·घर में टूटी हुई मूर्तियाँ या पूजा की टूटी सामग्री न रखें
- ·एक-दूसरे के पीछे परिवार के बाहर बुराई न करें
सामान्य प्रश्न
प्र.क्या सास-बहू का झगड़ा ज्योतिष से दूर हो सकता है?
हाँ। ज्योतिष में परिवार-कलह के लिए स्पष्ट योग होते हैं। सही उपाय — शुक्र और शनि ग्रहों की शांति, वास्तु सुधार, और नित्य पूजन — से पारिवारिक वातावरण में निश्चित सुधार होता है। यह जादू-टोना नहीं, बल्कि प्राकृतिक ऊर्जा का संतुलन है।
प्र.किस कुंडली दोष से सास-बहू में कलह होती है?
बहू की कुंडली में द्वितीय भाव (कुटुंब), चतुर्थ भाव (घर) और सप्तम भाव (विवाह) पर शनि, राहु या मंगल का प्रभाव सास-बहू कलह का प्रमुख योग है। सास की कुंडली में भी यदि पुत्रवधू स्थान (पंचम से सप्तम) पर पाप ग्रह हो तो कलह बढ़ती है।
प्र.सास-बहू के झगड़े के लिए कौन सा मंत्र पढ़ें?
माँ लक्ष्मी का मंत्र "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" और गायत्री मंत्र परिवार में शांति के लिए सर्वोत्तम हैं। शुक्रवार को माँ दुर्गा की पूजा और शनिवार को पीपल में जल चढ़ाने से शीघ्र लाभ होता है।
प्र.क्या घर का वास्तु सास-बहू कलह का कारण हो सकता है?
हाँ। यदि रसोई नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) कोण में हो, घर का मुख्य द्वार दक्षिण में हो, या शयन कक्ष का सिरहाना उत्तर की ओर हो तो घर में कलह बढ़ती है। इन वास्तु दोषों को सुधारने से परिवार में शांति आती है।