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वैदिक ज्योतिष · ग्रह उपाय

राहु के उपाय — राहु दोष, ग्रहण योग और कालसर्प दोष

राहु छाया ग्रह है जो भ्रम, महत्वाकांक्षा और अचानक परिवर्तन का कारक है। राहु की महादशा (18 वर्ष) में करियर में उछाल या अचानक गिरावट, मानसिक भ्रम, विदेश योग या नशे की प्रवृत्ति हो सकती है। दुर्गा पूजा, दान और राहु बीज मंत्र से राहु दोष शांत होता है।

अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · वैदिक ज्योतिष शास्त्र पर आधारित

ज्योतिष कारण

1.लग्न में राहु — व्यक्तित्व में भ्रम, अजीब स्वभाव और स्वास्थ्य समस्याएँ
2.पंचम भाव में राहु — संतान बाधा, शिक्षा में रुकावट और प्रेम में धोखा
3.सप्तम भाव में राहु — विवाह में देरी, पार्टनर से धोखा या अजीब परिस्थितियाँ
4.दशम भाव में राहु — करियर में अचानक उछाल और उतार-चढ़ाव
5.राहु-सूर्य की युति — ग्रहण योग, पिता से तनाव और पहचान की समस्या
6.कालसर्प दोष — सभी ग्रहों का राहु-केतु के बीच होना — जीवन में संघर्ष और विलंब

उपाय और समाधान

दुर्गा माँ की पूजा (राहु की सर्वश्रेष्ठ शांति)

  1. 1.प्रत्येक शनिवार या बुधवार दुर्गा माँ को नीले या काले फूल चढ़ाएँ
  2. 2.दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें
  3. 3.नवरात्रि में 9 दिन का व्रत राहु दोष के लिए विशेष लाभकारी है
  4. 4."ॐ दुं दुर्गायै नमः" का 108 बार जाप करें

राहु बीज मंत्र और जाप

  1. 1."ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः" का प्रतिदिन 108 बार जाप करें
  2. 2.राहु काल के दौरान कोई नया काम शुरू न करें — राहु काल सोमवार को प्रातः 7:30-9:00 बजे होता है
  3. 3.नीले वस्त्र पहनकर राहु यंत्र की पूजा करें
  4. 4.18,000 जाप राहु की महादशा में एक बार करें

दान और सेवा

  1. 1.शनिवार को नीले या काले कपड़े, नारियल, तिल और सरसों का तेल दान करें
  2. 2.सर्प देवता को दूध अर्पित करें — नागपंचमी पर विशेष रूप से
  3. 3.किसी अनाथ बच्चे की मदद करें — राहु की कृपा होती है
  4. 4.अपने घर के पश्चिम-दक्षिण कोण को साफ रखें — यह राहु की दिशा है

मंत्र

राहु बीज मंत्र

ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः

जाप: प्रतिदिन 108 बार

दुर्गा मंत्र

ॐ दुं दुर्गायै नमः

जाप: बुधवार या शनिवार 108 बार

राहु का वैदिक मंत्र

ॐ रां राहवे नमः

जाप: 18,000 जाप (एक बार)

क्या करें / क्या न करें

क्या करें ✓

  • ·राहु काल में महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें — परंतु यदि लेना पड़े तो माँ दुर्गा का स्मरण करें
  • ·घर में नागपंचमी पर सर्प की पूजा करें
  • ·मेडिटेशन और योग राहु की मानसिक अशांति में विशेष सहायक हैं
  • ·नीलम या गोमेद पहनने से पहले ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें
  • ·सत्य और ईमानदारी से व्यवहार करें — राहु भ्रम का ग्रह है

क्या न करें ✗

  • ·राहु की महादशा में नशे और अवैध गतिविधियों से दूर रहें
  • ·अनजान लोगों पर अंधा भरोसा न करें — राहु धोखे का कारक है
  • ·भूत-प्रेत या तंत्र-मंत्र में विश्वास करने से बचें — राहु के कारण ये मन को प्रभावित करते हैं
  • ·राहु काल में शुभ कार्य जैसे गृह प्रवेश, विवाह या नई नौकरी शुरू न करें

सामान्य प्रश्न

प्र.राहु दोष के क्या लक्षण होते हैं?

मानसिक भ्रम, अजीब सपने, अचानक धन लाभ या हानि, अनजान भय, नशे की प्रवृत्ति, स्वास्थ्य में अचानक गिरावट — ये राहु दोष के सामान्य लक्षण हैं। कुंडली में राहु की स्थिति से इसकी पुष्टि की जाती है।

प्र.कालसर्प दोष में राहु का क्या उपाय है?

नागपंचमी पर नाग देवता की पूजा, त्र्यंबकेश्वर या नासिक में कालसर्प दोष निवारण पूजा, और राहु-केतु बीज मंत्र का जाप कालसर्प दोष के उपाय हैं। नागबली और नारायण नागबली पूजा भी विशेष लाभकारी है।

प्र.राहु की महादशा कितने साल की होती है?

राहु की महादशा 18 वर्ष की होती है। यह जीवन में एक बार या दो बार आ सकती है। इस काल में करियर में अचानक बदलाव, विदेश यात्रा और मानसिक उथल-पुथल हो सकती है।

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