वैदिक ज्योतिष · ग्रह उपाय
संतान प्राप्ति में बाधा, ज्योतिष कारण और उपाय
संतान प्राप्ति में बाधा का मुख्य ज्योतिष कारण पंचम भाव (संतान स्थान) पर पाप ग्रहों का प्रभाव है। यदि पंचम में शनि, राहु या मंगल हो, या संतान कारक बृहस्पति (गुरु) कमजोर हो तो संतान सुख में विलंब होता है। पितृ दोष भी संतान प्राप्ति में बाधा का कारण हो सकता है।
अंतिम अपडेट: 13 मई 2026 · वैदिक ज्योतिष शास्त्र पर आधारित
ज्योतिष कारण
1.पंचम भाव में शनि, संतान सुख में विलंब, पर अंततः संतान होती है
2.पंचम भाव में राहु, गर्भपात की संभावना या अजीब परिस्थितियाँ
3.गुरु (बृहस्पति) का कमजोर होना, पुरुष में बीज दोष का संकेत
4.पितृ दोष, पूर्वजों के अपूर्ण कर्म संतान प्राप्ति में बाधा बनते हैं
5.पंचमेश का षष्ठ, अष्टम या द्वादश में होना, संतान योग की कमजोरी
उपाय और समाधान
पुत्रेष्टि यज्ञ और विशेष पूजा
- 1.संतान गोपाल मंत्र का 41 दिन जाप: "देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥"
- 2.बृहस्पतिवार को भगवान विष्णु या भगवान कृष्ण की पूजा करें
- 3.पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएँ और उसके नीचे प्रतिदिन प्रार्थना करें
- 4.पुत्रदा एकादशी का व्रत रखें (पौष और श्रावण माह)
बृहस्पति (गुरु) को मजबूत करें
- 1.पुखराज (Yellow Sapphire) या सुनेहला धारण करें
- 2."ॐ बृं बृहस्पतये नमः" का गुरुवार 108 बार जाप
- 3.गुरुवार को पीले वस्त्र, हल्दी, बेसन की मिठाई का दान करें
- 4.विद्यालय में निःशुल्क पढ़ाना या छात्रों की मदद करना, गुरु का आशीर्वाद
मंत्र
संतान गोपाल मंत्र
देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥
जाप: 41 दिन 108 बार
बृहस्पति बीज मंत्र
ॐ बृं बृहस्पतये नमः
जाप: गुरुवार 108 बार
क्या करें / क्या न करें
क्या करें ✓
- ·गर्भ धारण की कोशिश करते समय मन को शांत और तनावमुक्त रखें
- ·पुत्रदा एकादशी और संतान सप्तमी का व्रत रखें
- ·घर में बच्चों की सुखद तस्वीरें लगाएँ
क्या न करें ✗
- ·इस काल में मांस-मदिरा का सेवन न करें
- ·पति-पत्नी में कलह न करें, मानसिक शांति आवश्यक है
- ·ज्योतिष पर अत्यधिक निर्भर न हों, डॉक्टर की सलाह भी लें
सामान्य प्रश्न
प्र.संतान न होने का ज्योतिष कारण क्या है?
पंचम भाव में पाप ग्रह, बृहस्पति का कमजोर होना, और पितृ दोष, ये तीन मुख्य ज्योतिष कारण हैं। संतान गोपाल मंत्र का जाप, बृहस्पति की शांति और पितृ तर्पण से शीघ्र लाभ होता है।