5 मुखी · बृहस्पति · कालाग्नि रुद्र
पाँच मुखी रुद्राक्ष – सर्वाधिक शुभ और प्रचलित रुद्राक्ष
5 Mukhi Rudraksha
संक्षिप्त उत्तर
पाँच मुखी रुद्राक्ष सबसे अधिक पहना जाने वाला रुद्राक्ष है जो सभी के लिए उपयुक्त है। बृहस्पति और कालाग्नि रुद्र द्वारा शासित यह स्वास्थ्य, ज्ञान, सुरक्षा और समृद्धि देता है।
अंतिम अपडेट: 3 अगस्त 2026 · स्रोत: शिव पुराण · पद्म पुराण
पाँच मुखी रुद्राक्ष कालाग्नि रुद्र का स्वरूप है और बृहस्पति द्वारा शासित है। यह सभी के लिए उपयुक्त और लाभकारी है। पाँच मुख पंचभूतों और शिव के पाँच मुखों का प्रतिनिधित्व करते हैं। कमजोर बृहस्पति वाले जातकों के लिए यह विशेष लाभकारी है। यह ज्ञान, धर्म और आध्यात्मिक उन्नति को बढ़ावा देता है। 108+1 दानों की माला जप के लिए मानक है। यह स्वास्थ्य, दीर्घायु और समग्र कल्याण प्रदान करता है।
पाँच मुखी रुद्राक्ष के लाभ
- ✦सभी आयु और लिंग के लिए उपयुक्त सार्वभौमिक रुद्राक्ष
- ✦स्वास्थ्य, दीर्घायु और पंचतत्वों का संतुलन प्रदान करता है
- ✦बृहस्पति को मजबूत करता और ज्ञान व सौभाग्य आकर्षित करता है
- ✦किसी भी मंत्र जप के लिए माला में उपयोग के लिए आदर्श है
पाँच मुखी रुद्राक्ष कैसे धारण करें
- दिन
- गुरुवार
- धातु
- सोना या चाँदी
- मंत्र
- ॐ ह्रीं नमःOm Hreem Namah
- मूल्य
- ₹50 – ₹500 per bead
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र.क्या कोई भी पाँच मुखी रुद्राक्ष पहन सकता है?
हाँ, यह सभी के लिए सुरक्षित और लाभकारी है। आयु, लिंग या कुंडली पर आधारित कोई प्रतिबंध नहीं है।
प्र.कितने पाँच मुखी रुद्राक्ष पहनने चाहिए?
एक दाना पेंडेंट, 12-21 दानों का ब्रेसलेट या 108 दानों की माला, सभी परंपरागत विकल्प हैं।
प्र.क्या पाँच मुखी रुद्राक्ष वजन घटाने में मदद करता है?
यह बृहस्पति से जुड़े चयापचय असंतुलन को ठीक कर सकता है। उचित आहार और व्यायाम के साथ उपयोग करें।