आज: वैदिक ज्योतिष · प्राचीन · सटीक · मुफ्त
खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIशुक्रवार, 24 अप्रैल 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
VedicBirth
वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

वास्तु पुरुष एवं पंचभूत — पूजा विधि

वास्तु हवन विधि

वास्तु हवन की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में वास्तु हवन करने की सही वैदिक विधि।

देवतावास्तु पुरुष एवं पंचभूत
अवधि3–4 घंटे
शुभ समयगृह प्रवेश से पहले

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

वास्तु हवन — चरण दर चरण विधि

  1. 1

    हवन कुंड को संपत्ति के ब्रह्मस्थान (केंद्र) में रखें

  2. 2

    पहले गणेश पूजा करें

  3. 3

    वास्तु पुरुष और सभी आठ दिशाओं के देवताओं (अष्टदिक्पाल) का आवाहन करें

  4. 4

    नवग्रह आहुति के बाद वास्तु मंत्रों से आहुति दें

  5. 5

    सभी दिशाओं में पवित्र जल छिड़कें

  6. 6

    पूर्णाहुति और (यदि प्रवेश हो तो) गृह प्रवेश अनुष्ठान के साथ समाप्त करें।

वास्तु हवन के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

वास्तु हवन के लाभ

परिसर से वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जाएं दूर होती हैं; सभी निवासियों के लिए शांति, समृद्धि और सद्भाव आता है; घर में स्वास्थ्य और रिश्तों में सुधार होता है; समृद्धि और सकारात्मक कंपन आकर्षित होते हैं; आध्यात्मिक रूप से सुरक्षित वातावरण बनता है।

FAQ — वास्तु हवन विधि

प्र.क्या वास्तु हवन घर पर की जा सकती है?

हाँ, वास्तु हवन घर पर की जा सकती है।

प्र.वास्तु हवन में कितना समय लगता है?

वास्तु हवन में सामान्यतः 3–4 घंटे का समय लगता है।

प्र.क्या वास्तु हवन के लिए पंडित जरूरी है?

वास्तु हवन परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.वास्तु हवन का सबसे अच्छा समय क्या है?

गृह प्रवेश से पहले, वैदिक ज्योतिषी द्वारा निर्धारित शुभ मुहूर्त पर, उत्तरायण (सूर्य की उत्तर दिशा में यात्रा) के दौरान, या पुष्य नक्षत्र के दिन। राहु काल के दौरान न करें।