तुलसी (वृंदा देवी) और भगवान विष्णु/शालिग्राम — पूजा विधि
तुलसी विवाह विधि
तुलसी विवाह की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में तुलसी विवाह करने की सही वैदिक विधि।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
तुलसी विवाह — चरण दर चरण विधि
- 1
तुलसी के पौधे को हल्दी और लाल कपड़े से दुल्हन की तरह सजाएं।
- 2
शालिग्राम पत्थर रखें।
- 3
माला पहनाने और मौली बाँधने सहित पूरी विवाह विधि करें।
- 4
मिठाई और फल चढ़ाएं।
तुलसी विवाह के महत्वपूर्ण नियम
• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।
• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।
• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।
• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।
• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।
तुलसी विवाह के लाभ
कन्या दान के समान पुण्य मिलता है, पाप नष्ट होते हैं, परिवार में सुख-शांति आती है, अविवाहित लड़कियों को अच्छा वर मिलता है।
FAQ — तुलसी विवाह विधि
प्र.क्या तुलसी विवाह घर पर की जा सकती है?
हाँ, तुलसी विवाह घर पर की जा सकती है।
प्र.तुलसी विवाह में कितना समय लगता है?
तुलसी विवाह में सामान्यतः 2–3 घंटे का समय लगता है।
प्र.क्या तुलसी विवाह के लिए पंडित जरूरी है?
तुलसी विवाह परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।
प्र.तुलसी विवाह का सबसे अच्छा समय क्या है?
कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी एकादशी) से पूर्णिमा तक। सूर्यास्त के बाद संध्या काल।