सूर्य देवता — पूजा विधि
सूर्य पूजा विधि
सूर्य पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में सूर्य पूजा करने की सही वैदिक विधि।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
सूर्य पूजा — चरण दर चरण विधि
- 1
सूर्योदय से पहले उठें।
- 2
स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
- 3
पूर्व दिशा की ओर मुख करें।
- 4
ताँबे के बर्तन से उगते सूर्य की ओर पानी की धारा डालें।
- 5
सूर्य बीज मंत्र (ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः) या गायत्री मंत्र 108 बार जपें।
सूर्य पूजा के महत्वपूर्ण नियम
• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।
• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।
• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।
• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।
• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।
सूर्य पूजा के लाभ
जन्म कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, स्वास्थ्य और जीवनशक्ति बढ़ती है, सरकारी नौकरियों और सार्वजनिक जीवन में सफलता मिलती है, आत्मविश्वास और अधिकार बढ़ता है।
FAQ — सूर्य पूजा विधि
प्र.क्या सूर्य पूजा घर पर की जा सकती है?
हाँ, सूर्य पूजा घर पर की जा सकती है।
प्र.सूर्य पूजा में कितना समय लगता है?
सूर्य पूजा में सामान्यतः 30 मिनट का समय लगता है।
प्र.क्या सूर्य पूजा के लिए पंडित जरूरी है?
सूर्य पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।
प्र.सूर्य पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
प्रत्येक रविवार सूर्योदय पर। रथ सप्तमी (सूर्य जयंती)। या सर्वोत्तम परिणाम के लिए प्रतिदिन सूर्योदय पर।