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माँ सीता — पूजा विधि

सीता पूजा विधि

सीता पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में सीता पूजा करने की सही वैदिक विधि।

देवतामाँ सीता
अवधि1–2 घंटे
शुभ समयसीता नवमी (वैशाख शुक्ल नवमी)

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

सीता पूजा — चरण दर चरण विधि

  1. 1

    सीता-राम की प्रतिमा या सीता के चित्र के साथ वेदी स्थापित करें

  2. 2

    पीले फूल और तुलसी से सजाएं

  3. 3

    देवी को पीला कपड़ा, हल्दी, कुमकुम और चूड़ियां चढ़ाएं

  4. 4

    वाल्मीकि रामायण के प्रासंगिक अध्याय पढ़ें या जानकी स्तुति गाएं

  5. 5

    सीता स्तोत्र या सीता सहस्रनाम का पाठ करें

  6. 6

    सात्त्विक भोजन — खीर, फल, नारियल — नैवेद्य के रूप में चढ़ाएं

  7. 7

    घी के दीपक और अगरबत्ती जलाएं

सीता पूजा के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

सीता पूजा के लाभ

वफादार और सदाचारी जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है, विवाह बंधन मजबूत होता है, जीवनसाथी खोजने में बाधाएं दूर होती हैं, कठिनाइयां सहने की धैर्य-शक्ति मिलती है, घर शुद्ध होता है, मंगल दोष और वैवाहिक पीड़ाएं शांत होती हैं।

FAQ — सीता पूजा विधि

प्र.क्या सीता पूजा घर पर की जा सकती है?

हाँ, सीता पूजा घर पर की जा सकती है।

प्र.सीता पूजा में कितना समय लगता है?

सीता पूजा में सामान्यतः 1–2 घंटे का समय लगता है।

प्र.क्या सीता पूजा के लिए पंडित जरूरी है?

सीता पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.सीता पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

सीता नवमी (वैशाख शुक्ल नवमी), विवाह पंचमी (मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी), प्रत्येक मंगलवार और राम नवमी।